दुबई पुलिस ने पवित्र महीने रमज़ान के दौरान भीख माँगने वालों के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज कर दिया है। रमज़ान के दूसरे हफ्ते में विभिन्न राष्ट्रीयताओं के कुल 37 भिखारियों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई पुलिस के विशेष अभियान ‘एक जागरूक समाज, भीख से मुक्त’ के तहत की गई है। अधिकारियों ने बताया कि पहले हफ्ते में 26 लोग पकड़े गए थे, लेकिन अब जांच और गश्त को मस्जिद, बाजार और रिहायशी इलाकों में बढ़ा दिया गया है।

भीख माँगने पर कितनी होगी सजा और जुर्माना?

UAE के फेडरल कानून के तहत भीख माँगने वालों के लिए सख्त सजा का इंतजाम किया गया है। अगर कोई व्यक्ति भीख माँगते हुए पाया जाता है, तो उसे कम से कम 3 महीने की जेल और 5,000 AED का जुर्माना देना होगा। संगठित तरीके से भीख मंगवाने वाले गिरोहों के लिए सजा और भी कड़ी है।

  • अकेले भीख माँगने पर: 3 महीने जेल और 5,000 AED जुर्माना।
  • संगठित गिरोह चलाने पर: कम से कम 6 महीने जेल और 1,00,000 AED जुर्माना।
  • ऑनलाइन भीख (E-Begging): सोशल मीडिया या ऑनलाइन माध्यम से पैसे माँगने पर 2.5 लाख से 5 लाख AED तक का जुर्माना।

पुलिस की जाँच में सामने आए हैरान करने वाले तथ्य

ब्रिगेडियर अली सालेम अल शम्सी के अनुसार, पकड़े गए भिखारियों में से लगभग 90% लोग विजिट वीजा पर केवल रमज़ान के दौरान पैसे जुटाने के लिए दुबई आते हैं। ये लोग अक्सर बच्चों, बुजुर्गों या झूठी बीमारियों का बहाना बनाकर लोगों की हमदर्दी हासिल करने की कोशिश करते हैं।

हफ्ता गिरफ्तारियों की संख्या मुख्य इलाके
रमज़ान हफ्ता 1 26 मस्जिद, बाजार
रमज़ान हफ्ता 2 37 क्लीनिक, रिहायशी इलाके

दुबई पुलिस ने प्रवासियों और पर्यटकों को सलाह दी है कि वे केवल लाइसेंस प्राप्त चैरिटी संस्थाओं के जरिए ही दान दें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट करने के लिए 901 पर कॉल करें या ‘Police Eye’ ऐप का उपयोग करें। भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह जानना जरूरी है कि भीख माँगना यहाँ एक गंभीर अपराध है और इससे डिपोर्टेशन भी हो सकता है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.