Dubai Police ने UAE में बढ़ रहे ऑनलाइन फ्रॉड के मामलों को देखते हुए सभी बैंकों और टेक्नोलॉजी कंपनियों को अपनी प्रतिक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। बढ़ते साइबर अपराध और AI के जरिए आवाज बदलकर किए जा रहे स्कैम से प्रवासियों और नौकरी ढूंढने वालों को काफी नुकसान हो रहा है। प्रशासन का उद्देश्य पीड़ितों के वित्तीय नुकसान को कम करना है।

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कानूनी कार्रवाई और सख्ती

UAE में साइबर अपराधों को लेकर कानून काफी सख्त हैं। Federal Decree-Law No. 34 of 2021 के तहत धोखाधड़ी से पैसे लेने वालों को एक साल तक की जेल और 250,000 से लेकर 1 मिलियन AED तक का जुर्माना हो सकता है। UAE Cybersecurity Council ने भी कंपनियों को डीपफेक और नकली आवाज वाले स्कैम से सावधान रहने के निर्देश दिए हैं। वैश्विक स्तर पर भी ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों ने बैंकों को फ्रॉड रोकने के लिए ठोस कदम उठाने का आदेश दिया है। एक हालिया UN रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में एशिया-प्रशांत क्षेत्र में ऑनलाइन स्कैम के शिकार लोगों को 114.1 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है, जो 2023 के मुकाबले तीन गुना है।

पीड़ित क्या करें

अगर कोई व्यक्ति ऑनलाइन स्कैम या फर्जी वर्क वीजा रैकेट का शिकार होता है, तो उसे तुरंत कुछ कदम उठाने चाहिए। Dubai Police के अनुसार, पीड़ित को सबसे पहले eCrime प्लेटफॉर्म पर रिपोर्ट दर्ज करानी चाहिए। इसके साथ ही, अपने बैंक को भी घटना की जानकारी तुरंत दें ताकि आगे के नुकसान से बचा जा सके। सबूत के तौर पर फोन रिकॉर्डिंग और स्कैमर की बातचीत के स्क्रीनशॉट जरूर संभाल कर रखें। अपराधी लगातार अपने काम करने के तरीके बदल रहे हैं, इसलिए सतर्क रहना बहुत जरूरी है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.