दुबई में रहने वाले सोशल मीडिया यूजर्स, युवाओं और इंफ्लुएंसर्स के लिए एक बड़ी खबर आई है। दुबई पुलिस ने सोशल मीडिया पर नकली सामान प्रमोट करने और बेचने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। अगर आप भी फेसबुक, इंस्टाग्राम या टिकटॉक पर साइड बिजनेस के नाम पर नकली घड़ी, परफ्यूम या कपड़े बेच रहे हैं, तो सावधान हो जाएं। पुलिस ने साफ किया है कि कानून की जानकारी न होना आपको सजा से नहीं बचा सकता और पकड़े जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया पर नकली सामान बेचना क्यों है बड़ा अपराध?
दुबई पुलिस के जनरल डिपार्टमेंट ऑफ क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन के तहत एंटी-इकोनॉमिक क्राइम्स डिपार्टमेंट के डायरेक्टर मेजर उमर हसन नासिर ने इस संबंध में अहम जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नकली सामान को बढ़ावा देना या बेचना यूएई के कानून के तहत एक गंभीर अपराध है। यह गतिविधि देश के बौद्धिक संपदा और ट्रेडमार्क कानूनों का उल्लंघन करती है। यूएई फेडरल लॉ नंबर 36 के तहत ऐसा करने वाले लोगों पर मुकदमा चलाया जा सकता है। बहुत से लोग, खासकर युवा और प्रवासी, इसे सिर्फ एक आसान साइड बिजनेस मान लेते हैं, लेकिन कानूनन यह पूरी तरह अवैध है।
फेक अकाउंट्स कैसे बनाते हैं युवाओं को निशाना?
पुलिस ने चेतावनी दी है कि इंटरनेट पर सक्रिय फर्जी कंपनियां युवाओं और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स को अपना निशाना बनाती हैं। ये संदिग्ध पार्टियां युवाओं को जल्दी पैसा कमाने का लालच देकर उनके सोशल मीडिया हैंडल पर नकली सामान जैसे ब्रांडेड घड़ियां, परफ्यूम और कपड़े प्रमोट करने के लिए कहती हैं। कई बार लोग बिना सोचे-समझे इन नकली सामानों का प्रचार करने लगते हैं और खुद को बड़ी मुसीबत में डाल लेते हैं। दुबई पुलिस के अनुसार, इस तरह के अवैध व्यापार से न केवल आपकी साख खराब होती है, बल्कि कानूनी कार्रवाई का सामना भी करना पड़ता है। यूएई में ब्रांड्स और ट्रेडमार्क की सुरक्षा के लिए बहुत मजबूत कानून हैं और इनका उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या सोशल मीडिया पर नकली सामान का केवल प्रचार करने पर भी सजा हो सकती है?
हां, यूएई कानून के अनुसार सोशल मीडिया पर नकली सामान बेचना या उसका प्रचार करना, दोनों ही गंभीर अपराध की श्रेणी में आते हैं और इसमें कानूनी कार्रवाई तय है।
यूएई में नकली सामान बेचने पर किस कानून के तहत कार्रवाई होती है?
यूएई में फेडरल लॉ नंबर 36 के तहत ट्रेडमार्क और बौद्धिक संपदा अधिकारों की सुरक्षा की जाती है, जिसका उल्लंघन करने पर मुकदमा और सजा का प्रावधान है।
