दुबई में रहने वाले लोग आजकल सोशल मीडिया पर जल्दी पैसा कमाने के चक्कर में फंस रहे हैं. दुबई पुलिस ने ऐसे लोगों को चेतावनी दी है जो कम समय में भारी मुनाफ़ा देने का वादा करते हैं. पुलिस का कहना है कि ऐसे फर्जी स्कीमों के झांसे में आने से प्रवासियों की मेहनत की कमाई डूब सकती है.
फर्जी इन्वेस्टमेंट स्कीम को कैसे पहचानें?
दुबई पुलिस के एंटी-फ्रॉड सेंटर ने बताया है कि कुछ बातें ऐसी हैं जिनसे आप ठगी को पहचान सकते हैं. अगर कोई कंपनी आपको महीने का 10 प्रतिशत या उससे ज़्यादा फिक्स्ड मुनाफ़ा देने का वादा करती है और कहती है कि इसमें कोई रिस्क नहीं है, तो वह पूरी तरह फर्जी हो सकती है. किसी भी सरकारी मान्यता प्राप्त मार्केट में बिना रिस्क के इतना ज़्यादा रिटर्न मिलना मुमकिन नहीं है.
- ठग लोग सोशल मीडिया पर महंगे विज्ञापन चलाते हैं.
- वे लोगों का भरोसा जीतने के लिए नामी बैंकों और फाइनेंशियल कंपनियों के लोगो या नाम का गलत इस्तेमाल करते हैं.
- ऐसी ज़्यादातर कंपनियां किसी भी रेगुलेटरी अथॉरिटी से लाइसेंस नहीं लेती हैं.
- ये लोग अक्सर पिरामिड स्कीम चलाते हैं, जिसमें नए लोगों से पैसा लेकर पुराने लोगों को मुनाफ़ा दिया जाता है और फिर कंपनी गायब हो जाती है.
धोखाधड़ी होने पर कहाँ करें शिकायत?
दुबई पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध विज्ञापन या एक्टिविटी की जानकारी तुरंत पुलिस को दें. अगर आप या आपका कोई जानने वाला ऐसे किसी जाल में फंस गया है, तो आप इन तरीकों से शिकायत कर सकते हैं.
- पुलिस के eCrime प्लेटफॉर्म पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज करें.
- किसी भी जानकारी के लिए 901 नंबर पर कॉल करें.
पुलिस ने यह भी बताया कि जुलाई 2025 में एक साइबर क्राइम ग्रुप के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था, जो सोशल मीडिया के ज़रिए ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट के नाम पर लोगों को ठग रहे थे.