दुबई के पोर्ट्स और फ्री जोन में इस समय जबरदस्त कामकाज देखा जा रहा है। साल 2026 की पहली तीन महीनों में ही यहां 90 लाख से ज्यादा गाड़ियां दाखिल हुईं। प्रशासन ने सुरक्षा के इतने पुख्ता इंतजाम किए हैं कि अब नियमों की अनदेखी करने वालों की संख्या बहुत कम हो गई है।

दुबई पोर्ट्स में एंट्री और परमिट की क्या है रिपोर्ट?

Ports, Customs and Free Zone Corporation (PCFC) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 की पहली तिमाही यानी जनवरी से मार्च के दौरान 90 लाख से ज्यादा गाड़ियां पोर्ट्स और फ्री जोन में आईं। इसके अलावा, ‘Tasreeh’ सिस्टम के जरिए 8 लाख से ज्यादा एंट्री परमिट जारी किए गए। PCFC ने कुल 8,633 से ज्यादा सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन भी पूरे किए हैं।

सुरक्षा के क्या इंतजाम हुए और कितनी कम हुई गलतियां?

PCFC के सिक्योरिटी डिपार्टमेंट के डायरेक्टर Sultan Al Malik ने बताया कि निगरानी और जांच को और मजबूत किया गया है। इसके लिए एक खास Traffic Control and Enforcement Section बनाया गया है।

  • 11 अलग-अलग जगहों पर कुल 50 गेट्स बनाए गए हैं।
  • इन गेट्स पर 250 सुरक्षाकर्मी 24 घंटे तैनात रहते हैं।
  • इस सख्ती की वजह से जनवरी से मार्च 2026 के बीच नियमों के उल्लंघन में 90% की कमी आई।
  • कुल 1,056 उल्लंघन पकड़े गए, जिनमें 641 ट्रैफिक से जुड़े थे।

बारिश के दौरान प्रशासन ने कैसे संभाला मामला?

हाल ही में दुबई में हुए मौसम के बदलाव और बारिश के दौरान सड़कों पर पानी जमा होने की कई शिकायतें मिली थीं। PCFC के विभाग ने सभी रिपोर्ट पर तुरंत एक्शन लिया और अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर रिकॉर्ड समय में पानी की निकासी का काम पूरा किया।

Frequently Asked Questions (FAQs)

2026 की पहली तिमाही में कितने वाहन दुबई पोर्ट्स में दाखिल हुए?

PCFC के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से मार्च 2026 के बीच 90 लाख से ज्यादा गाड़ियां पोर्ट्स और फ्री जोन में दाखिल हुईं।

नियमों के उल्लंघन में कितनी कमी आई है?

सुरक्षा व्यवस्था सख्त होने और 250 कर्मियों की तैनाती के बाद जनवरी से मार्च 2026 के बीच नियमों के उल्लंघन में 90% की गिरावट दर्ज की गई।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.