भारतीय निवेशकों के लिए अब दुबई में प्रॉपर्टी खरीदना बहुत आसान हो गया है। अब आपको घर खरीदने के लिए दुबई जाने या वीज़ा लेने की ज़रूरत नहीं है। आप अपने घर बैठे ही वहां निवेश कर सकते हैं और मालिकाना हक पा सकते हैं। भारतीय लोग दुबई के रियल एस्टेट बाज़ार में काफी दिलचस्पी दिखा रहे हैं क्योंकि यहाँ निवेश करना सुरक्षित और आसान है।

ℹ: Iran Food Supply: जंग के दबाव के बावजूद ईरान में खाने-पीने की चीजों की सप्लाई रहेगी सुरक्षित, राष्ट्रपति ने दिया भरोसा

दुबई में घर खरीदने के लिए किन दस्तावेज़ों और नियमों की ज़रूरत है?

दुबई में प्रॉपर्टी खरीदने के लिए किसी यूएई रेजिडेंसी की ज़रूरत नहीं होती। इसके लिए केवल एक वैध पासपोर्ट और पैसे का सबूत होना काफी है। भारतीय नागरिकों को आरबीआई (RBI) के फेमा (FEMA) और लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के नियमों का पालन करना होगा। LRS के तहत एक व्यक्ति एक साल में अधिकतम 2.5 लाख अमेरिकी डॉलर विदेश भेज सकता है। अगर परिवार के सदस्य मिलकर प्रॉपर्टी खरीदते हैं, तो वे अपनी LRS सीमा को जोड़ सकते हैं, बशर्ते सभी का नाम मालिकाना हक के कागज़ात में हो।

यहाँ निवेश करने का एक बड़ा फायदा यह है कि दुबई में प्रॉपर्टी टैक्स, कैपिटल गेन्स टैक्स या विरासत टैक्स नहीं लगता है। खरीदारों को सिर्फ एक बार रजिस्ट्रेशन और सर्विस चार्ज देना होता है। साथ ही, तय शर्तों को पूरा करने पर निवेशकों को यूएई गोल्डन वीज़ा भी मिल सकता है, जिससे उनके और उनके परिवार के लिए वहाँ रहना आसान हो जाता है।

निवेशकों को क्या फायदे मिलेंगे और बाज़ार की स्थिति क्या है?

दुबई में निवेश करने पर सालाना 6% से 9% तक का अच्छा किराया मिल सकता है। 2025 में भारतीयों ने यहाँ करीब 85,000 करोड़ से 95,000 करोड़ रुपये का निवेश किया, जिससे वे सबसे बड़े विदेशी खरीदार बन गए। DAMAC और Danube जैसे डेवलपर्स भारतीय खरीदारों को आसान पेमेंट प्लान और रजिस्ट्रेशन फीस में छूट जैसे ऑफर दे रहे हैं।

हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अप्रैल 2026 में क्षेत्रीय तनाव के कारण लेनदेन में 14% की गिरावट आई थी। इसका असर यह हुआ कि 1 मिलियन AED से 2.5 मिलियन AED वाली प्रॉपर्टीज़ पर 10-15% तक की मोलभाव की गुंजाइश बन गई है। दुबई लैंड डिपार्टमेंट (DLD) पूरे क्षेत्र की निगरानी करता है ताकि खरीदारों के साथ कोई धोखाधड़ी न हो और पारदर्शिता बनी रहे।

विवरण जानकारी
LRS निवेश सीमा 2.5 लाख अमेरिकी डॉलर प्रति वर्ष
सालाना किराया कमाई 6% से 9%
2025 में भारतीय निवेश ₹85,000 करोड़ – ₹95,000 करोड़
ट्रांजैक्शन में गिरावट (अप्रैल 2026) 14%
एंट्री-लेवल प्रॉपर्टी मोलभाव 10-15% तक
प्रॉपर्टी टैक्स शून्य (Tax-Free)
ज़रूरी दस्तावेज़ पासपोर्ट और फंड का प्रमाण
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.