दुबई और रास अल खैमाह ने मिलकर समुद्री सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए एक नया समझौता किया है। इस समझौते का मुख्य मकसद दोनों emirates के बीच समुद्री यातायात और सेवाओं में तालमेल बिठाना है। इससे अब विदेशी याच्ट और पर्यटन नावों का आना-जाना पहले से आसान और व्यवस्थित हो जाएगा।
Dubai Maritime Authority और Ras Al Khaimah Transport Authority ने एक Memorandum of Cooperation (MoC) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का उद्देश्य दोनों emirates के बीच समुद्री यातायात और सेवाओं के नियमों को और मजबूत करना है। इससे क्षेत्रीय समुद्री क्षेत्र में कामकाज को और ज्यादा सरल बनाया जाएगा।
विदेशी नावों के लिए बनेगी नई गाइडलाइन
इस समझौते के तहत एक unified procedural guide यानी एक साझा गाइड तैयार की जाएगी। यह गाइड मुख्य रूप से बाहर से आने वाली विदेशी याच्ट और लेजर बोट्स के मूवमेंट को रेगुलेट करेगी। इसमें समुद्री एजेंटों, जहाजों के मालिकों, चालक दल और पर्यटन मरीना के मालिकों की जिम्मेदारियां साफ तौर पर लिखी होंगी ताकि कागजी कार्रवाई में देरी न हो और काम तेजी से हो सके।
Dubai Maritime Authority के CEO शेख डॉ. सईद बिन अहमद बिन खलीफा अल मकतूम ने बताया कि यह कदम UAE की समुद्री संस्थाओं के बीच तालमेल बढ़ाने के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि इससे विदेशी याच्ट के आने-जाने का सिस्टम लचीला होगा जिससे समुद्री पर्यटन और blue economy को बढ़ावा मिलेगा।
वहीं Ras Al Khaimah Transport Authority के डायरेक्टर जनरल एच.ई. इंजिनियर इस्माइल हसन अल बलूशी ने कहा कि इस समझौते से रास अल खैमाह एक प्रमुख समुद्री पर्यटन केंद्र के रूप में उभरेगा। यह कदम UAE को एक ग्लोबल मैरीटाइम हब बनाने के राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप है।
कामकाज के लिए बनेगी स्पेशल टीम
- एक संयुक्त वर्किंग टीम बनाई जाएगी जो इस समझौते के तहत शुरू हुए कामों की निगरानी करेगी।
- दोनों पक्षों के बीच लगातार बातचीत और समन्वय के तरीके तय किए जाएंगे ताकि लक्ष्य पूरे हों।
- डिजिटल सिस्टम को आपस में जोड़ा जाएगा जिससे सेवाओं की रफ्तार और क्वालिटी बढ़ सके।
- सरकारी विभागों के साथ साझेदारी बढ़ाकर समुद्री क्षेत्र के विकास पर जोर दिया जाएगा।
