Dubai बना दुनिया का सातवां सबसे बेहतरीन फाइनेंशियल सेंटर, 6 महीने में चार पायदान की लगाई बड़ी छलांग

Sushma Kumari21 August 20262 min read49 viewsUAE
Dubai बना दुनिया का सातवां सबसे बेहतरीन फाइनेंशियल सेंटर, 6 महीने में चार पायदान की लगाई बड़ी छलांग

दुबई ने ग्लोबल फाइनेंशियल सेंटर्स इंडेक्स के 39वें संस्करण में इतिहास रचते हुए सीधे सातवें स्थान पर अपनी जगह पक्की कर ली है। लंदन की मशहूर Z/Yen Group द्वारा जारी इस सूचकांक में कुल 137 सेंटर्स की जांच की गई, जिसमें 135 अलग-अलग कारकों और दुनिया भर के 34,000 से ज्यादा प्रोफेशनल्स की राय शामिल थी। दुबई अब मिडिल ईस्ट, अफ्रीका और साउथ एशिया यानी MEASA क्षेत्र का इकलौता ऐसा शहर बन गया है, जो दुनिया के टॉप 20 शहरों की लिस्ट में शामिल है। इस शानदार उपलब्धि के बाद शहर में रहने वाले प्रवासियों और भारत से काम के लिए जाने वाले लोगों के लिए रोजगार के नए और बेहतर रास्ते खुलेंगे।

शेख मक्तूम ने जताई खुशी और गिनाईं उपलब्धियां

दुबई के पहले उप-शासक और DIFC यानी दुबई इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर के अध्यक्ष हिज हाइनेस शेख मक्तूम बिन मोहम्मद बिन Rashid Al Maktoum ने इस रैंकिंग पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि यह नया मुकाम दुबई की लंबे समय की आर्थिक सोच और दुनिया भर के निवेशकों के भरोसे को साफ तौर पर दिखाता है। इस तरक्की में DIFC की सबसे बड़ी भूमिका रही है, जहां साल 2026 के बीच तक 10,018 से ज्यादा एक्टिव कंपनियां रजिस्टर्ड होकर काम कर रही हैं। यह पूरी रफ्तार दुबई इकोनॉमिक एजेंडा यानी D33 के बिल्कुल मुताबिक है, जिसके तहत साल 2033 तक इस शहर को दुनिया के पहले चार सबसे बड़े फाइनेंशियल हब में शामिल करने का बड़ा लक्ष्य रखा गया है। इसके बारे में अधिक जानकारी WAM News पर देखी जा सकती है।

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यूएई में विदेशी निवेश और विदेशी कंपनियों का जलवा

दुबई की इस कामयाबी के साथ ही पूरे संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE में विदेशी निवेश का आंकड़ा भी तेजी से ऊपर गया है। साल 2025 के दौरान यूएई में कुल 177.3 अरब दिरहम यानी लगभग 48.3 अरब डॉलर का फॉरेन डायरेक्ट इनवेस्टमेंट यानी FDI आया है। निवेश मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल के मुकाबले इसमें 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस विदेशी पैसे को आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, रिन्यूएबल एनर्जी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे कई अहम सेक्टर में लगाया गया है। इन सभी निवेश और आर्थिक गतिविधियों के बारे में पूरी रिपोर्ट UAE Invest Report और FDI Document में दी गई है।

कारोबारियों और नियमों में बड़ा बदलाव

यूएई के वित्तीय बाजार को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार नए कदम उठा रही है। इसी कड़ी में जनवरी 2026 में यूएई कैपिटल मार्केट्स अथॉरिटी को मुख्य फेडरल रेगुलेटर के रूप में बनाया गया है, जिसने पुरानी व्यवस्था की जगह ली है। इसके अलावा, दुबई इंटीग्रेटेड इकोनॉमिक जोन्स अथॉरिटी ने साल 2026 के शुरुआती छह महीनों में ही काम करने वाली कंपनियों की संख्या में 13 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की है। दूसरी तरफ, दुबई फाइनेंशियल सर्विसेज अथॉरिटी यानी DFSA ने भी इस्लामिक फाइनेंस और एआई से जुड़े डेटा प्रोटेक्शन के नियमों को और ज्यादा बेहतर बना दिया है, जिससे यहां काम करने वाले कारोबारियों और नौकरीपेशा लोगों को एक सुरक्षित माहौल मिल रहा है।

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