पश्चिम एशिया में ईरान और यूएई के बीच बढ़ते तनाव का सीधा असर अब दुबई के रियल एस्टेट मार्केट पर दिखने लगा है। पिछले कुछ दिनों में दुबई के प्रमुख ठिकानों पर हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद भारतीय रईसों ने वहां नई प्रॉपर्टी खरीदने से फिलहाल दूरी बना ली है। जहां 2025 के अंत तक भारतीय निवेशक रिकॉर्ड तोड़ खरीदारी कर रहे थे, वहीं अब सुरक्षा चिंताओं के कारण बाजार में ‘वेट एंड वॉच’ की स्थिति बनी हुई है।

दुबई और भारत के प्रॉपर्टी बाजार की तुलनात्मक स्थिति

दुबई में लग्जरी प्रॉपर्टीज की शुरुआती कीमत ₹2.5 करोड़ से ₹3 करोड़ के बीच रहती है। यह कीमत दक्षिण मुंबई और गुरुग्राम के प्राइम इलाकों के मुकाबले काफी कम मानी जाती है। भारतीय निवेशकों के लिए दुबई हमेशा से पसंदीदा जगह रही है क्योंकि वहां टैक्स के नियम काफी आसान हैं और रेंटल इनकम अच्छी मिलती है। नीचे दिए गए आंकड़ों से निवेश की स्थिति को समझा जा सकता है:

विवरण दुबई (UAE) भारत (मुंबई/गुरुग्राम)
औसत रेंटल यील्ड 8% से 10% 2% से 3%
बाजार हिस्सेदारी (2025) 10% (भारतीय)
प्रॉपर्टी की लागत 20-25% सस्ती महंगी
टैक्स नियम जीरो प्रॉपर्टी टैक्स टैक्स लागू

ईरानी हमलों का निवेश और निवेशकों पर प्रभाव

ईरान द्वारा दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 और जेबेल अली पोर्ट जैसे महत्वपूर्ण इलाकों को निशाना बनाने के बाद निवेशकों का भरोसा डगमगाया है। 4 मार्च 2026 तक दर्ज की गई रिपोर्टों के अनुसार, भारी संख्या में बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन हमले हुए हैं। इस वजह से कई भारतीय खरीदार जो बड़े सौदे करने वाले थे, उन्होंने फिलहाल अपने कदम पीछे खींच लिए हैं।

  • बिल्डर्स की स्थिति: Emaar, DAMAC, Sobha और Danube जैसे बड़े बिल्डर्स भारतीय ग्राहकों को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं।
  • एक्सपर्ट राय: एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह एक अस्थायी ठहराव है और लोग अब अधिक चयनात्मक हो गए हैं।
  • फ्लाइट अपडेट: तनाव को देखते हुए एयर इंडिया और इंडिगो ने भारतीयों की सुविधा के लिए विशेष तैयारी की है।
  • गोल्डन वीजा: हालांकि सुरक्षा चिंताएं बढ़ी हैं, लेकिन जीरो कैपिटल गेन टैक्स और गोल्डन वीजा अब भी आकर्षण का केंद्र हैं।