दुबई में घर खरीदकर रेजिडेंसी वीज़ा लेना अब और भी आसान हो गया है। Dubai Land Department ने निवेश से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है ताकि छोटे निवेशक भी इसका फायदा उठा सकें। इस फैसले से दुबई में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए अपनी प्रॉपर्टी बनाना और वहां बसना अब ज्यादा सरल होगा।

प्रॉपर्टी वीज़ा के लिए अब कितने पैसों की ज़रूरत है?

नए नियमों के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति अकेले प्रॉपर्टी खरीदता है, तो उसके लिए पहले वाली 7.5 लाख दिरहम (Dh750,000) की न्यूनतम सीमा को हटा दिया गया है। अब छोटे निवेश पर भी दो साल का इन्वेस्टर वीज़ा मिल सकेगा। हालांकि, पार्टनरशिप में खरीदी गई प्रॉपर्टी के लिए नियम अलग हैं। अगर प्रॉपर्टी जॉइंट है, तो हर निवेशक के हिस्से की कीमत कम से कम 4 लाख दिरहम होनी चाहिए।

स्वामित्व का प्रकार पुराना नियम नया नियम
एकल स्वामित्व (Sole Owner) 7.5 लाख दिरहम न्यूनतम कोई न्यूनतम सीमा नहीं
संयुक्त स्वामित्व (Joint Owner) लागू नहीं था 4 लाख दिरहम प्रति निवेशक
वीज़ा की अवधि 2 साल 2 साल

वीज़ा मिलने की प्रक्रिया अब कितनी आसान होगी?

General Directorate of Residency and Foreigners Affairs (GDRFA) और Dubai Land Department (DLD) ने मिलकर एक डिजिटल सिस्टम तैयार किया है। अब 10 साल का Golden Visa, 5 साल का Retiree Visa और 2 साल का Property Owner Visa एक ही डिजिटल चैनल के ज़रिए मिलेंगे। पहले इस पूरी प्रक्रिया में औसतन 8 हफ्ते का समय लगता था, लेकिन अब यह काम एक महीने से भी कम समय में पूरा हो जाएगा। आवेदन के लिए Cube platform का इस्तेमाल किया जा रहा है जिससे पारदर्शिता और रफ़्तार बढ़ी है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या जॉइंट प्रॉपर्टी खरीदने पर रेजिडेंसी वीज़ा मिलेगा?

हाँ, अगर जॉइंट प्रॉपर्टी में हर निवेशक का हिस्सा कम से कम 4 लाख दिरहम (Dh400,000) है, तो वे 2 साल के इन्वेस्टर रेजिडेंसी वीज़ा के लिए पात्र होंगे।

वीज़ा आवेदन में अब कितना समय लगेगा?

GDRFA और DLD के नए डिजिटल चैनल की वजह से अब वीज़ा प्रोसेसिंग का समय 8 हफ्ते से घटकर एक महीने से भी कम हो गया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.