दुबई के शानदार अपार्टमेंट्स और विला में निवेश करना बहुत फायदेमंद लगता है क्योंकि यहाँ लोकल लेवल पर टैक्स नहीं है। लेकिन अगर आप अमेरिकी नागरिक या ग्रीन कार्ड होल्डर हैं, तो आपके लिए खबर अलग है। दुबई में टैक्स छूट होने के बावजूद, आपको अपनी कमाई पर अमेरिका में भारी टैक्स देना पड़ सकता है।
दुबई लैंड डिपार्टमेंट के जरिए प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री करना बहुत आसान है, लेकिन अमेरिकी नागरिकों के लिए यह मामला थोड़ा पेचीदा है। अमेरिका का कानून ऐसा है कि उसके नागरिक चाहे दुनिया के किसी भी कोने में रहें, उन्हें अपनी पूरी कमाई की जानकारी IRS को देनी होती है। चूंकि अमेरिका और UAE के बीच अभी तक कोई इनकम टैक्स संधि नहीं हुई है, इसलिए दुबई में टैक्स फ्री कमाई करने वालों को अमेरिका में टैक्स भरना होगा।
टैक्स और रिपोर्टिंग के जरूरी नियम
अमेरिकी निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वे दुबई में टैक्स नहीं देते, इसलिए वे अमेरिका में ‘फॉरेन टैक्स क्रेडिट’ का फायदा भी नहीं उठा सकते। साथ ही, विदेशी कमाई पर मिलने वाली कुछ टैक्स छूट भी रेंटल इनकम या प्रॉपर्टी के मुनाफे पर लागू नहीं होती हैं।
| विवरण | नियम और टैक्स |
|---|---|
| लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (1 साल से ज्यादा होल्डिंग) | आय के हिसाब से 0%, 15% या 20% टैक्स |
| शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स | आम इनकम टैक्स रेट पर टैक्स |
| रेंटल इनकम (किराया) | Form 1040 के Schedule E में रिपोर्ट करना जरूरी |
| नेट इन्वेस्टमेंट इनकम टैक्स (NIIT) | 3.8% अतिरिक्त टैक्स (अगर आय सीमा से ज्यादा हो) |
| FBAR रिपोर्टिंग (FinCEN Form 114) | अगर विदेशी खातों में बैलेंस 10,000 डॉलर से ज्यादा हो |
| FATCA रिपोर्टिंग (Form 8938) | अगर विदेशी संपत्ति 2 लाख से 3 लाख डॉलर से ज्यादा हो |
| स्टेट टैक्स | पूरी दुनिया की संपत्ति पर अमेरिकी नियम लागू होंगे |
एक्सपर्ट्स का कहना है कि दुबई में निवेश करने वाले अमेरिकियों को कागजी कार्रवाई में बहुत सावधानी बरतनी चाहिए। अगर समय पर जानकारी नहीं दी गई, तो भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है।
वहीं, UAE सरकार ने जून 2023 से 9% कॉर्पोरेट टैक्स लागू किया है। यह टैक्स उन बिजनेस पर लगता है जिनका सालाना मुनाफा 3,75,000 दिरहम से ज्यादा होता है। हालांकि, यह नियम आम तौर पर व्यक्तिगत तौर पर प्रॉपर्टी खरीदने वालों पर लागू नहीं होता, जब तक कि प्रॉपर्टी किसी कंपनी के नाम पर न हो।
