Dubai में रहने वाले प्रवासियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। अब आपको घर का किराया देने के लिए एक साथ भारी-भरकम चेक काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी। दुबई लैंड डिपार्टमेंट ने किराए के भुगतान के तरीके में बड़ा बदलाव किया है जिससे अब किराएदार हर महीने पैसा दे सकेंगे। यह फैसला उन लोगों के लिए बहुत मददगार होगा जो एक साथ बड़ी रकम नहीं जुटा पाते हैं।
किराये के नए नियम और तारीखें
Dubai Land Department (DLD) ने किराये के भुगतान के पुराने तरीके को बदलने का फैसला किया है। अब एक या चार चेक देने के बजाय मंथली पेमेंट को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए सरकार ने कुछ जरूरी तारीखें और शर्तें तय की हैं जिन्हें जानना हर किराएदार के लिए जरूरी है।
| विवरण | नियम और समय सीमा |
|---|---|
| नए कॉन्ट्रैक्ट (1 जनवरी 2025 के बाद) | मंथली पेमेंट का क्लॉज होना जरूरी है, जब तक दोनों पक्ष लिखित में कुछ और तय न करें। |
| पुराने कॉन्ट्रैक्ट (रिन्यूअल 2025) | मकान मालिक को किराएदार को मंथली पेमेंट का विकल्प देना होगा। |
| पूरे दुबई में लागू होना | इस सिस्टम को 2026 की शुरुआत से पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा। |
| कानूनी रजिस्ट्रेशन | सभी कॉन्ट्रैक्ट का Ejari में रजिस्टर्ड होना जरूरी है। |
पेमेंट कैसे होगा और क्या हैं विकल्प
अब किराएदार सिर्फ चेक पर निर्भर नहीं रहेंगे। पेमेंट के लिए कई आसान डिजिटल तरीके अपनाए जा सकते हैं। हालांकि, पहले मंथली पेमेंट चुनने पर कुछ मकान मालिक 5 से 15 प्रतिशत तक ज्यादा किराया मांगते थे, लेकिन अब नई सेवाओं के जरिए इस बोझ को कम करने की कोशिश की जा रही है।
- डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर: GIRO और स्टैंडिंग ऑर्डर के जरिए पैसा भेजा जा सकेगा।
- डिजिटल प्लेटफॉर्म: Ejari Pay और अन्य मान्यता प्राप्त ऐप्स का इस्तेमाल किया जा सकेगा।
- चेक: आपसी सहमति और लिखित मंजूरी के बाद चेक का इस्तेमाल अभी भी किया जा सकता है।
नियम न मानने पर लगेगा भारी जुर्माना
Dubai Land Department और RERA ने इस नए सिस्टम को सख्ती से लागू करने की बात कही है। अगर कोई मकान मालिक नियमों का पालन नहीं करता है, तो उस पर कार्रवाई होगी।
जो मकान मालिक मंथली पेमेंट की शर्तों को रजिस्टर नहीं करेंगे या किराएदार की जायज मांग को रोकेंगे, उन पर 5,000 AED से लेकर 10,000 AED तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। Property Finder और Keyper जैसी कंपनियों ने भी इस दिशा में काम शुरू किया है ताकि किराएदार बिना किसी परेशानी के किस्तों में किराया दे सकें।