दुबई में रहने वाले एक भारतीय यात्री रवि को मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उस समय झटका लगा जब उन्हें अपने नए आईफोन के लिए भारी भरकम कस्टम ड्यूटी चुकानी पड़ी। रवि हाल ही में दुबई से एक सील बंद iPhone 17 Pro Max लेकर भारत आए थे, जिसे उन्होंने गिफ्ट के तौर पर खरीदा था, लेकिन एयरपोर्ट पर नियमों की अनदेखी उन पर भारी पड़ गई।

क्यों देना पड़ा 22 हजार का टैक्स?

कस्टम अधिकारियों ने रवि के पास मौजूद सील बंद आईफोन बॉक्स को कमर्शियल इंपोर्ट यानी व्यापार के लिए लाया गया सामान माना। नियमों के अनुसार, अगर आप विदेश से कोई इलेक्ट्रॉनिक आइटम सील बंद डिब्बे में लाते हैं और उसकी कीमत 50,000 रुपये से ज्यादा है, तो आपको उस पर ड्यूटी देनी होती है। रवि का फोन गिफ्ट था, लेकिन सील बंद होने के कारण उन्हें लगभग 22,000 रुपये चुकाने पड़े।

क्या है कस्टम का नियम?

सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेस एंड कस्टम्स (CBIC) के मुताबिक, विदेश से आने वाले यात्री अपने साथ एक पर्सनल मोबाइल फोन बिना किसी ड्यूटी के ला सकते हैं, लेकिन वह फोन अनबॉक्स (खुला हुआ) होना चाहिए। इसके अलावा, यात्रियों को 50,000 रुपये तक का सामान ड्यूटी-फ्री लाने की छूट मिलती है। इससे ज्यादा कीमत होने पर पूरा टैक्स लगता है।

टैक्स का पूरा गणित

रवि को आईफोन की वैल्यू पर बेसिक कस्टम ड्यूटी, जीएसटी और सोशल वेलफेयर सरचार्ज देना पड़ा। यह कुल मिलाकर फोन की कीमत का लगभग 20% से ज्यादा था। नीचे दी गई टेबल में आप पूरा विवरण देख सकते हैं।

विवरण जानकारी
यात्री का नाम रवि (दुबई निवासी)
रूट दुबई से मुंबई
सामान iPhone 17 Pro Max (सील्ड)
कस्टम ड्यूटी लगभग ₹22,000

यात्रियों के लिए काम की सलाह

अगर आप दुबई या किसी भी खाड़ी देश से भारत आ रहे हैं, तो कोशिश करें कि फोन को अपने इस्तेमाल के लिए जेब में रखकर लाएं। सील बंद डिब्बे गिफ्ट के तौर पर लाने पर आपको रेड चैनल पर इसे डिक्लेयर करना होगा और रसीद दिखानी होगी, वरना भारी जुर्माना भी लग सकता है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.