दुबई में रहने वाले एक व्यक्ति को नया बैंक लोन मिलते ही भारी वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ा है। जालसाजों ने बैंक कर्मचारी बनकर उस व्यक्ति को झांसे में लिया और उसके खाते से 8,00,000 दिरहम यानी करीब 1.8 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर लिए। दुबई पुलिस ने इस घटना के बाद प्रवासियों और स्थानीय नागरिकों के लिए एक विशेष चेतावनी जारी की है और बताया है कि साइबर अपराधी किस तरह से लोगों को डराकर उनका पैसा चुरा रहे हैं।
कैसे हुआ 8 लाख दिरहम का यह बड़ा फ्रॉड?
इस धोखाधड़ी की शुरुआत एक सामान्य फोन कॉल से हुई थी। जालसाज ने बैंक कर्मचारी बनकर पीड़ित से संपर्क किया और उसे कई तरह की वित्तीय सेवाओं का ऑफर दिया। बातचीत के दौरान पीड़ित ने अनजाने में खुलासा कर दिया कि उसे हाल ही में एक नया लोन मिला है।
इस जानकारी का फायदा उठाकर गिरोह के दूसरे सदस्यों ने पीड़ित को दोबारा फोन किया। उन्होंने दावा किया कि बैंक ने एक नया मोबाइल एप्लीकेशन लॉन्च किया है और अपनी कॉर्पोरेट पहचान बदल ली है। उन्होंने पीड़ित पर दबाव बनाया कि अगर उसने तुरंत इस नए ऐप को डाउनलोड करके अपनी जानकारी अपडेट नहीं की, तो उसका बैंक खाता फ्रीज कर दिया जाएगा।
दबाव में आकर पीड़ित ने वह नकली एप्लीकेशन डाउनलोड कर ली और अपने फोन का रिमोट एक्सेस जालसाजों को दे दिया। इसके बाद स्कैमर्स ने उसके फोन से सभी व्यक्तिगत और बैंकिंग डेटा हासिल कर लिए और लोन की पूरी रकम को कई अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया ताकि पुलिस के लिए पैसा रिकवर करना मुश्किल हो जाए।
दुबई पुलिस और सेंट्रल बैंक की ज़रूरी गाइडलाइंस
दुबई पुलिस के एंटी-फ्रॉड सेंटर के अधिकारियों ने बताया कि यह मामला एक बड़ी चेतावनी है कि कैसे अपराधी आपकी छोटी सी जानकारी का इस्तेमाल करके बड़ा नुकसान कर सकते हैं। दुबई पुलिस और सेंट्रल बैंक ऑफ यूएई (CBUAE) ने जनता के लिए कुछ नियम जारी किए हैं:
- गोपनीय जानकारी कभी साझा न करें: यूएई में कोई भी बैंक या सरकारी विभाग फोन कॉल, एसएमएस या ईमेल के जरिए आपका खाता नंबर, कार्ड पिन, पासवर्ड या वन-टाइम पासवर्ड (OTP) नहीं मांगता है।
- संदिग्ध लिंक से ऐप डाउनलोड न करें: किसी भी अनजान कॉलर के कहने पर अपने फोन में कोई भी ऐप डाउनलोड न करें, विशेषकर वे ऐप जो आपके फोन का रिमोट एक्सेस मांगते हैं।
- कड़ा कानून और सजा: यूएई के साइबर अपराध कानून (Federal Decree-Law No. 34/2021) के तहत ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी करने वालों के लिए जेल और 20 लाख से 30 लाख दिरहम तक का जुर्माना तय किया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या यूएई में बैंक फोन पर कभी ओटीपी या पिन मांगते हैं?
नहीं, यूएई सेंट्रल बैंक और दुबई पुलिस के अनुसार कोई भी बैंक या सरकारी संस्था फोन, मैसेज या ईमेल पर कभी भी ओटीपी, पिन या गोपनीय जानकारी नहीं मांगती है।
अगर यूएई में ऑनलाइन फ्रॉड हो जाए तो तुरंत क्या करें?
ऐसी स्थिति में तुरंत अपने बैंक को सूचित करके खाते को ब्लॉक कराएं और दुबई पुलिस के आधिकारिक ई-क्राइम प्लेटफॉर्म पर शिकायत दर्ज कराएं।
