दुबई के एमिरेट्स रोड पर हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में सात प्रवासी श्रमिकों की मौत हो गई है, जिनमें छह भारतीय और एक श्रीलंकाई नागरिक शामिल हैं। यह हादसा 7 जून 2026 को उस समय हुआ जब काम खत्म करके लौट रहे कर्मचारियों की मिनीबस सड़क पर खड़े एक ट्रक से टकरा गई। इस हादसे में नौ अन्य लोग घायल भी हुए हैं। प्रभावित परिवारों की मदद के लिए दुबई पुलिस, भारतीय दूतावास और स्थानीय प्रशासन लगातार काम कर रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर प्रवासियों की सुरक्षा और सड़क नियमों के पालन को लेकर बड़ी बहस छेड़ दी है।

हादसे में जान गंवाने वाले और घायल लोगों की पूरी जानकारी

इस हादसे में मारे गए सभी सातों लोगों की पहचान कर ली गई है। मृतकों में उत्तर प्रदेश के तीन नागरिक शामिल हैं, जिनके नाम मार्कंडेय चौहान (39), अब्दुल रशीद (38) और मोहम्मद साकिब (31) हैं। वहीं, तेलंगाना के रहने वाले सलीम सय्यद (51), अब्दुल रफीक (37) और तिरुपति गोल्लापल्ली (23) की भी इस हादसे में मौत हो गई है। श्रीलंकाई नागरिक की पहचान सामुवेल रंगासामी (34) के रूप में हुई है।

कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, तिरुपति गोल्लापल्ली इस समूह में सबसे कम उम्र के थे और उन्होंने पिछले महीने ही अपना 23वां जन्मदिन मनाया था। अधिकांश मृतक केवल कुछ ही महीनों पहले नौकरी पर लगे थे और अपने परिवारों की आर्थिक मदद के लिए रविवार की अतिरिक्त शिफ्ट में काम करने आए थे। हादसे में घायल हुए 9 लोगों में से 5 को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है, जबकि 4 का इलाज अभी भी चल रहा है। इनमें से 3 मरीज आईसीयू में भर्ती हैं।

हादसे की मुख्य वजह और दुबई पुलिस की कार्रवाई

दुबई पुलिस के ट्रैफिक विभाग के निदेशक, ब्रिगेडियर जुमा सलेम बिन सुवैदान ने बताया कि शुरुआती जांच से पता चला है कि एक ट्रक तकनीकी खराबी के कारण अचानक सड़क के बीच में ही रुक गया था। पीछे से आ रही मिनीबस का चालक सुरक्षित दूरी बनाए रखने में नाकाम रहा, जिसके कारण बस सीधे खड़े ट्रक के पिछले हिस्से से टकरा गई।

दुबई पुलिस ने ड्राइवरों के लिए सख्त चेतावनी जारी की है कि सड़क के बीच में कभी भी गाड़ी न रोकें। संघीय यातायात नियम के अनुसार, सड़क के बीच में वाहन खड़ा करने पर 1,000 दिरहम का जुर्माना और 6 ट्रैफिक ब्लैक पॉइंट मिलते हैं। इसके अलावा, यातायात बाधित करने के लिए धारा 98 के तहत 500 दिरहम का जुर्माना भी लगाया जाता है।

पीड़ित परिवारों के लिए 10 लाख दिरहम की बड़ी आर्थिक मदद का एलान

भारतीय मूल के अरबपति और बुर्जील होल्डिंग्स के अध्यक्ष डॉ. शमशीर वयालिल ने इस दुखद घड़ी में प्रभावित परिवारों के लिए 1 मिलियन दिरहम (लगभग 2 करोड़ भारतीय रुपये) के मानवीय सहायता पैकेज की घोषणा की है। इस पैकेज को इस तरह बांटा जाएगा:

  • मृतकों के परिवारों के लिए: 700,000 दिरहम (प्रत्येक परिवार को 1 लाख दिरहम या लगभग 22.5 लाख रुपये)
  • घायलों के इलाज के लिए: 180,000 दिरहम अस्पताल और रिकवरी खर्च के लिए
  • रिश्तेदारों के सफर का खर्च: 70,000 दिरहम आपातकालीन यात्रा और ठहरने के लिए
  • बच्चों की शिक्षा के लिए: 50,000 दिरहम प्रभावित बच्चों की पढ़ाई में मदद के लिए

भारतीय वाणिज्य दूतावास घायलों की मदद करने और मृत श्रमिकों के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत भेजने के लिए स्थानीय अधिकारियों और कंपनी के साथ मिलकर काम कर रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

दुबई सड़क हादसे में मारे गए भारतीय कहां के रहने वाले थे?

इस हादसे में जान गंवाने वाले छह भारतीय प्रवासियों में से तीन उत्तर प्रदेश (मार्कंडेय चौहान, अब्दुल रशीद, मोहम्मद साकिब) और तीन तेलंगाना (सलीम सय्यद, अब्दुल रफीक, तिरुपति गोल्लापल्ली) के रहने वाले थे।

पीड़ित परिवारों को कितनी आर्थिक मदद दी जा रही है?

बुर्जील होल्डिंग्स के अध्यक्ष डॉ. शमशीर वयालिल ने पीड़ित परिवारों के लिए 1 मिलियन दिरहम (करीब 2 करोड़ रुपये) की मानवीय सहायता देने की घोषणा की है, जिसमें से प्रत्येक मृतक के परिवार को 1 लाख दिरहम मिलेंगे।

दुबई पुलिस के अनुसार यह हादसा कैसे हुआ?

दुबई पुलिस के अनुसार, एक ट्रक तकनीकी खराबी के कारण सड़क के बीच में रुक गया था। मिनीबस का चालक सुरक्षित दूरी नहीं रख पाया और पीछे से ट्रक से टकरा गया।