दुबई में एक सड़क हादसे में तेलंगाना के रहने वाले 38 साल के जगदीश लग्गम की मौत हो गई है। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है और वे शव को भारत वापस लाने के लिए मदद मांग रहे हैं। जगदीश एक पोल्ट्री फार्म में काम करते थे और हाल ही में अपने परिवार की मदद और घर बनाने के लिए UAE आए थे।

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जगदीश 16 जून को एक हादसे का शिकार हुए थे और दो दिन बाद 18 जून 2026 को अस्पताल में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। उनकी पत्नी कविता ने आरोप लगाया है कि कंपनी ने इस दुख की घड़ी में परिवार की कोई मदद नहीं की है। परिवार को शव भारत लाने के लिए करीब 3 लाख रुपये की ज़रूरत है, जो उनके पास नहीं हैं।

इस मामले में तेलंगाना NRI एडवाइजरी कमेटी ने दखल दिया है। कमेटी के सदस्य स्वदेश पारिकीपंडला ने 23 जून 2026 को परिवार से मुलाकात की और उन्हें पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया। बता दें कि तेलंगाना सरकार ने अप्रैल 2025 में प्रवासी मजदूरों के कल्याण के लिए इस कमेटी का गठन किया था।

UAE के कानून के मुताबिक, कंपनियों की यह कानूनी ज़िम्मेदारी है कि वे कर्मचारी की मौत के बाद शव को उसके देश भेजने का पूरा खर्च उठाएं। UAE फेडरल डिक्री लॉ नंबर 33 (2021) के अनुच्छेद 15(3) में यह साफ़ लिखा है कि नियोक्ता को ही शव की तैयारी और परिवहन का पूरा खर्च देना होगा।

दुबई स्थित भारतीय दूतावास (Consulate General of India) भी ऐसे मामलों में मदद करता है। इंडियन कम्युनिटी वेलफेयर फंड (ICWF) के जरिए उन परिवारों को सहायता दी जाती है जिनके पास पैसे नहीं हैं या जिनका कोई बीमा नहीं है। इस फंड से डेथ सर्टिफिकेट, एम्बलमिंग, ताबूत और हवाई जहाज़ के किराये का खर्च कवर किया जा सकता है ताकि परिवार पर बोझ न पड़े।

दूतावास ने प्रवासियों को चेतावनी दी है कि वे किसी भी फर्जी एजेंट के चक्कर में न पड़ें जो शव भेजने के नाम पर ज़्यादा पैसे मांगते हैं। किसी भी मदद के लिए सीधे दूतावास के हेल्पलाइन नंबर या उनकी आधिकारिक वेबसाइट पर संपर्क करने की सलाह दी गई है।