दुबई में Roads and Transport Authority (RTA) ने एक नई तरह की ट्रांसपोर्ट सेवा “Glydways” का ऐलान किया है। World Governments Summit 2026 के दौरान इस प्रोजेक्ट को दुनिया के सामने रखा गया। यह एक बिना ड्राइवर वाला सिस्टम है जो दुबई मेट्रो स्टेशनों को शहर के चार प्रमुख इलाकों से जोड़ेगा। अगले चार महीनों में इसका पहला चरण शुरू होने की उम्मीद जताई गई है।

कैसी होंगी ये गाड़ियाँ और क्या है खासियत

यह प्रोजेक्ट पूरी तरह से इलेक्ट्रिक और ऑटोमैटिक पॉड्स पर आधारित है। ये पॉड्स आम सड़कों के ट्रैफिक में नहीं फंसेंगे क्योंकि इनके लिए अलग से ट्रैक बनाए जाएंगे। ये ट्रैक सड़क के किनारे या ऊपर की तरफ हो सकते हैं। कंपनी के मुताबिक इस सिस्टम से लोगों का सफर आसान होगा और ट्रैफिक जाम से भी राहत मिलेगी।

  • हर एक पॉड में 4 से 6 यात्रियों के बैठने की जगह होगी।
  • ये गाड़ियाँ 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ़्तार से चलेंगी।
  • एक बार चार्ज होने पर ये गाड़ियाँ 250 किलोमीटर तक चल सकती हैं।
  • सिस्टम को ऐसे बनाया गया है कि हर घंटे 10,000 से ज्यादा लोग सफर कर सकें।

किन रास्तों पर चलेगी यह सेवा

शुरुआत में इस प्रोजेक्ट का फोकस मेट्रो स्टेशन और अंतिम मंजिल के बीच की दूरी को कम करना है। इसके लिए चार प्रमुख रूट तय किए गए हैं जहाँ यह सेवा सबसे पहले देखने को मिलेगी।

Bluewater Island: यह रूट नेशनल पेंट्स मेट्रो स्टेशन को ब्लूवाटर आइलैंड से जोड़ेगा। यह प्रोजेक्ट का ट्रायल रूट भी होगा जिसकी लंबाई 2.8 किलोमीटर है।

Umm Suqeim: यहाँ पॉड्स मॉल ऑफ एमिरेट्स मेट्रो स्टेशन से चलकर मदीना जुमेराह तक जाएंगे।

Al Quoz: इस इलाके में ऑनपैसिव मेट्रो स्टेशन से अलसरकल एवेन्यू और टाइम्स स्क्वायर सेंटर के लिए कनेक्शन दिया जाएगा।

Dubai Festival City: यहाँ एक अंदरूनी नेटवर्क बनाया जाएगा, जिसे बाद में आने वाली मेट्रो ब्लू लाइन से जोड़ने की योजना है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.