दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मक्तूम ने शहर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को सुरक्षित रखने के लिए एक नया कानून लागू किया है। इस कानून का मकसद दुबई में मिलने वाली पुरानी चीज़ों और ऐतिहासिक जगहों को बचाना और उनकी पहचान को बनाए रखना है। अब दुबई के हर इलाके में खोजे जाने वाले पुराने अवशेषों की सुरक्षा और देखरेख सरकार की निगरानी में होगी ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इस समृद्ध इतिहास को समझ सकें।

क्या है नया कानून और इसका मुख्य मकसद क्या है?

दुबई के शासक हिज हाइनेस शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मक्तूम ने 22 मई 2026 को इस नए कानून को मंजूरी दी। इस कानून का मुख्य उद्देश्य दुबई में मौजूद पुरानी इमारतों, ऐतिहासिक जगहों और जमीन या पानी के नीचे मिलने वाली प्राचीन चीज़ों का दस्तावेजीकरण और वर्गीकरण करना है। इसके जरिए लोगों और पर्यटकों में दुबई के पुराने इतिहास, संस्कृति और वास्तुकला के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाएगी और इन ऐतिहासिक स्थलों के रख-रखाव के लिए एक सुरक्षित माहौल तैयार किया जाएगा।

यह कानून किन जगहों पर लागू होगा?

यह कानून बहुत बड़े दायरे में काम करेगा और दुबई की सीमाओं के भीतर आने वाले सभी क्षेत्रों को कवर करेगा।

  • यह नियम दुबई की सभी जमीनी, समुद्री और पहाड़ी क्षेत्रों पर लागू होता है।
  • विशेष विकास क्षेत्रों और फ्री ज़ोन को भी इस कानून के दायरे में रखा गया है।
  • इसमें दुबई इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर (DIFC) जैसे प्रमुख आर्थिक क्षेत्र भी शामिल हैं।

किस सरकारी विभाग को मिली है इसकी ज़िम्मेदारी?

इस नए कानून को जमीन पर लागू करने और इसकी निगरानी करने का जिम्मा दुबई संस्कृति और कला प्राधिकरण (Dubai Culture and Arts Authority) को सौंपा गया है। यह सरकारी विभाग सुनिश्चित करेगा कि नियमों का सही तरीके से पालन हो, ऐतिहासिक संपत्तियों की सुरक्षा की जाए और किसी भी पुरातात्विक गतिविधि को बिना मंजूरी के न किया जाए।

Frequently Asked Questions (FAQs)

दुबई का यह नया ऐतिहासिक धरोहर कानून कब लागू किया गया?

यह नया कानून दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मक्तूम द्वारा 22 मई 2026 को जारी किया गया है।

क्या यह कानून दुबई के फ्री ज़ोन इलाकों में भी लागू होगा?

हाँ, यह कानून दुबई इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर (DIFC) समेत सभी फ्री ज़ोन और विशेष विकास क्षेत्रों पर पूरी तरह लागू होगा।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.