दुबई में रहने वाले परिवारों और भारतीय प्रवासियों के लिए एक बहुत ही राहत भरी खबर आई है। दुबई की नॉलेज एंड ह्यूमन डेवलपमेंट अथॉरिटी (KHDA) ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि नए शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए निजी स्कूलों की फीस में कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। यह फैसला दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम के निर्देशों पर लिया गया है, जिससे अभिभावकों को बड़ी वित्तीय राहत मिलेगी।
सरकार के इस फैसले से अभिभावकों को कैसे मिलेगी राहत?
प्रवासियों और स्थानीय परिवारों के लिए बच्चों की पढ़ाई का खर्च एक बड़ा बजट होता है। नए शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए फीस न बढ़ाने के फैसले से माता-पिताओं को अपने घरेलू खर्चों का बेहतर प्रबंधन करने में मदद मिलेगी। आमतौर पर स्कूलों की फीस में बढ़ोतरी शिक्षा लागत सूचकांक (ECI) और स्कूल निरीक्षण रेटिंग के आधार पर तय की जाती थी, लेकिन इस साल इस नियम को लागू नहीं किया जाएगा। यह कदम दुबई के 1.5 अरब दिरहम के दूसरे आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य लोगों पर आर्थिक बोझ को कम करना है।
स्कूलों और शुरुआती शिक्षा केंद्रों को क्या रियायतें दी गई हैं?
दुबई सरकार ने सिर्फ अभिभावकों को ही राहत नहीं दी है, बल्कि स्कूलों और नर्सरी सेंटरों को भी कई तरह की वित्तीय छूट दी है ताकि शिक्षा की गुणवत्ता पर कोई असर न पड़े:
- निजी स्कूलों को लाइसेंस रिन्यूअल फीस को टालने या किस्तों में चुकाने की विशेष सुविधा मिलेगी।
- स्कूलों पर लगने वाले पुराने जुर्मानों के भुगतान को भी फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।
- शुरुआती बचपन की देखभाल करने वाले केंद्रों (Early childhood centers) को लाइसेंस रिन्यूअल फीस, जुर्माने और दुबई नगर पालिका के मार्केट टैक्स से पूरी तरह छूट दी गई है।
- नॉलेज फंड एस्टेब्लिशमेंट द्वारा निर्माणाधीन सेंटरों के लिए किराए में आंशिक राहत दी जाएगी और बिना किराए वाली अवधि को भी बढ़ाया जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या दुबई में शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए स्कूल फीस बढ़ेगी?
नहीं, दुबई की नॉलेज एंड ह्यूमन डेवलपमेंट अथॉरिटी (KHDA) ने पुष्टि की है कि शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए निजी स्कूलों की फीस में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी।
यह फीस न बढ़ाने का फैसला किसके निर्देश पर लागू किया गया है?
यह फैसला दुबई के क्राउन प्रिंस और कार्यकारी परिषद के अध्यक्ष हिज हाइनेस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम के निर्देशों के तहत लिया गया है।
