Dubai में फँसे सीमांचल के 7 युवक सकुशल लौटे वतन, एजेंट ने 26 दिन पहले भेजा था विदेश

Aanya24 August 20263 min read61 viewsUAE
Dubai में फँसे सीमांचल के 7 युवक सकुशल लौटे वतन, एजेंट ने 26 दिन पहले भेजा था विदेश

रोजगार की तलाश में Dubai गए सीमांचल के सात युवक आखिरकार विषम परिस्थितियों से बाहर निकलकर रविवार रात को अपने घर सकुशल लौट आए हैं। विदेश की धरती पर एजेंट की जालसाजी और प्रताड़ना का शिकार हुए इन युवकों की घर वापसी से उनके परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई है और सभी ने राहत की सांस ली है। इन सभी युवकों को लगभग 26 दिन पहले बेहतर भविष्य और अच्छी नौकरी का सपना दिखाकर दुबई भेजा गया था, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उनकी जिंदगी किसी संघर्ष से कम नहीं रही।

कैसे फंसे थे दुबई में युवक

बिहार के किशनगंज जिले के कोचाधामन प्रखंड और पूर्णिया जिले के अमौर विधानसभा क्षेत्र के रहने वाले इन युवकों को एक एजेंट ने फंसाया था। वतन लौटने वालों में कोचाधामन प्रखंड के पुरनदाहा पंचायत अंतर्गत मिर्चान टोला के रहने वाले अबू अजहर, रब्बान आलम, सलमान और नासिर शामिल हैं। इसके अलावा पूर्णिया जिले के अमौर विधानसभा क्षेत्र के मीरगंज के रहने वाले दानिश, नाजिश और शमशाद भी सुरक्षित अपने घर वापस आ चुके हैं। जानकारी के मुताबिक, इन सभी युवकों से एजेंट ने विदेश भेजने के नाम पर करीब 1 लाख 35 हजार रुपये लिए थे। युवकों को भरोसा दिलाया गया था कि उन्हें दुबई की किसी बड़ी फैक्टरी में अच्छी नौकरी दी जाएगी, लेकिन वहां पहुंचने पर हालात बिल्कुल अलग निकले।

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पासपोर्ट कब्जे में लेकर छोटे कमरे में किया बंद

दुबई उतरते ही एजेंट ने कथित तौर पर सभी युवकों के पासपोर्ट अपने कब्जे में ले लिए और उन्हें एक बेहद छोटे से कमरे में बंद करके रख दिया। वहां भीषण गर्मी और खाने-पीने की भारी कमी के कारण युवकों की स्थिति दिन-प्रतिदिन बदतर होती चली गई। जब उन्हें समझ आया कि वे एक बड़े धोखे का शिकार हो चुके हैं और एजेंट ने उनके साथ ठगी की है, तो उन्होंने हिम्मत जुटाई। इसके बाद इन युवकों ने दुबई से ही अपना एक वीडियो सोशल मीडिया पर जारी किया। इस वीडियो के माध्यम से उन्होंने भारत सरकार, स्थानीय प्रशासन और देश के जनप्रतिनिधियों से अपनी सकुशल वतन वापसी के लिए गुहार लगाई थी।

पूर्व विधायक के प्रयासों से संभव हुई वापसी

दुबई में फंसे युवकों ने अपनी इस दर्दनाक स्थिति की जानकारी कोचाधामन के पूर्व विधायक मुजाहिद आलम को भी दी थी। मामले की गंभीरता को समझते हुए पूर्व विधायक मुजाहिद आलम ने तुरंत प्रशासनिक स्तर पर प्रयास शुरू किए और लगातार संपर्क बनाए रखा। उनके इन्हीं लगातार प्रयासों और प्रशासनिक मदद के कारण आखिरकार सभी सातों युवकों की सुरक्षित भारत वापसी का रास्ता साफ हो गया। रविवार को सभी युवक दुबई से नई दिल्ली हवाई अड्डे पहुंचे और वहां से शाम को बागडोगरा एयरपोर्ट पहुंचे। देर रात तक सभी युवक अपने-अपने पैतृक गांवों में अपने परिजनों के पास पहुंच गए।

विदेश जाने से तौबा और अपनों के बीच रहने का संकल्प

दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने के बाद युवकों ने फोन पर अपने परिजनों से बात करके खुद के सुरक्षित होने की जानकारी दी थी। घर लौटने के बाद इन युवकों ने बताया कि विदेश की धरती पर बिताए गए वे 26 दिन उनके जीवन के सबसे कठिन दिन थे। रोजगार के नाम पर एजेंट द्वारा ठगाए जाने के बाद अब इन युवकों ने कसम खाई है कि वे भविष्य में कभी भी किसी भी फर्जी एजेंट के झाંसे में नहीं आएंगे। युवकों ने कहा कि अब वे विदेश जाने का जोखिम उठाने के बजाय अपने ही देश और अपने वतन में रहकर ही कोई छोटा-मोटा रोजगार तलाशेंगे और उसी से अपना जीवनयापन करेंगे। सोमवार को पूर्व विधायक मुजाहिद आलम ने भी युवकों की सकुशल वापसी पर अपनी प्रसन्नता जाहिर की और बताया कि किस तरह से लगातार कोशिशों के बाद इन प्रवासियों की सुरक्षित घर वापसी संभव हो पाई है।

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