दुबई में रहने वाले प्रवासियों और खास तौर पर शेयरिंग में रहने वाले लोगों के लिए एक बड़ा अपडेट आया है। दुबई सरकार ने शेयरिंग रूम और बेड-स्पेस के लिए नया कानून लागू कर दिया है। अब दुबई में शेयरिंग फ्लैट्स के किराए के एग्रीमेंट को आधिकारिक रूप से रजिस्टर करना जरूरी हो गया है। इससे किराएदारों को उनके अधिकार मिलेंगे और किसी भी तरह के विवाद को सुलझाना आसान हो जाएगा।

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नया नियम क्या है और यह कब से लागू होगा?

दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने कानून नंबर (4) 2026 जारी किया है। यह कानून ऑफिशियल गैजेट में छपने के 180 दिन बाद पूरी तरह से लागू हो जाएगा।

जो लोग पहले से शेयरिंग अकोमोडेशन चला रहे हैं, उन्हें नए नियमों का पालन करने के लिए एक साल का समय दिया गया है।

अब किसी भी प्रॉपर्टी को शेयरिंग के लिए बिना दुबई म्युनिसिपैलिटी के परमिट के नहीं दिया जा सकता है। यह परमिट एक या दो साल के लिए मान्य होगा और इसे रिन्यू भी किया जा सकेगा।

शेयरिंग में रहने वालों (Bed-Space) के लिए क्या बदला?

इस नए नियम से सबसे ज्यादा फायदा उन लोगों को होगा जो बेड-स्पेस या शेयरिंग फ्लैट में रहते हैं। अब सब-लीजिंग यानी एक किराएदार द्वारा आगे किसी और को कमरा किराए पर देना पूरी तरह से मना कर दिया गया है।

केवल मकान मालिक या लाइसेंस वाली कंपनियां ही शेयरिंग रूम किराए पर दे सकती हैं।

Ejari Registration: हर एग्रीमेंट को नए Shared Accommodation Register में दर्ज करना होगा। इसके लिए सामान्य Ejari रजिस्ट्रेशन फीस लगभग 220 दिरहम लगेगी।

इसके साथ ही एक रूम में अधिकतम कितने लोग रहेंगे, जगह कितनी होनी चाहिए और सुरक्षा के लिए कड़े नियम तय किए गए हैं। अगर कोई विवाद होता है तो इसे सीधे Dubai Rental Disputes Center में सुलझाया जाएगा।

नियम तोड़ने पर क्या है जुर्माना?

अगर कोई इस नए कानून का पालन नहीं करता है, तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में 500 दिरहम से लेकर 5,00,000 दिरहम तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

अगर कोई व्यक्ति एक साल के अंदर दोबारा वही गलती करता है, तो जुर्माना डबल होकर 10 लाख (1 Million) दिरहम तक पहुंच सकता है।

जुर्माने के अलावा, अधिकारियों के पास पानी और बिजली के कनेक्शन काटने, कमर्शियल लाइसेंस रद्द करने और तुरंत घर खाली करवाने का भी अधिकार होगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.