दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने दुनिया भर में अंधेपन को खत्म करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. उन्होंने रिवर ब्लाइंडनेस (River Blindness) यानी नदी अंधेपन को मिटाने के लिए एक नया मानवीय प्रोग्राम शुरू किया है. इस पहल से लाखों लोगों की जिंदगी बदल सकती है और उन्हें फिर से दुनिया देखने का मौका मिलेगा.
इस प्रोग्राम का मुख्य लक्ष्य क्या है और कितने लोग इससे लाभ उठाएंगे?
इस मानवीय प्रोग्राम का सबसे बड़ा मकसद अगले तीन सालों में 70 लाख लोगों तक पहुंचना है. इसके तहत घाना देश के लिए एक खास योजना बनाई गई है, जिसके जरिए 2030 तक वहां से रिवर ब्लाइंडनेस को पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है. इस घाना पहल से 70 लाख लोग सीधे तौर पर और 3.5 करोड़ से ज्यादा लोग परोक्ष रूप से लाभ उठाएंगे.
इस मिशन को पूरा करने में कौन सी संस्थाएं मदद कर रही हैं?
इस पूरे काम को Mohammed bin Rashid Al Maktoum Global Initiatives (MBRGI) की देखरेख में किया जा रहा है. नूर दुबई (Noor Dubai) इस प्रोग्राम को लागू करने की जिम्मेदारी संभाल रही है, क्योंकि उनके पास आंखों के इलाज का बड़ा अनुभव है. यह प्रोग्राम World Health Organisation (WHO) के वैश्विक प्रयासों और Ghana Health Service के साथ मिलकर काम करेगा.
आधिकारिक बयान और कार्यक्रम की अहमियत
शेख मोहम्मद ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट X पर लिखा कि लोगों को अंधेरे से बाहर निकालना सबसे नेक काम है और हर वह आंख जिसे रोशनी मिलेगी, वह एक नई उम्मीद होगी. MBRGI के CEO सईद अल एतर ने बताया कि यह कदम घाना की राष्ट्रीय जरूरतों को पूरा करने और अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को तेज करने में मदद करेगा. वहीं, दुबई हेल्थ अथॉरिटी के डायरेक्टर जनरल प्रोफेसर अलावी अलशेख-अली ने कहा कि यह कार्यक्रम आने वाली पीढ़ियों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करेगा.
Frequently Asked Questions (FAQs)
रिवर ब्लाइंडनेस को खत्म करने का लक्ष्य कब तक रखा गया है
घाना देश के लिए इस बीमारी को खत्म करने का लक्ष्य 2030 तक रखा गया है, जबकि समग्र कार्यक्रम अगले तीन वर्षों में 70 लाख लोगों तक पहुँचने का लक्ष्य रखता है.
नूर दुबई (Noor Dubai) की इस प्रोग्राम में क्या भूमिका है
नूर दुबई एक अंतरराष्ट्रीय चैरिटेबल संस्था है जो अंधेपन को रोकने और इलाज के लिए अपनी विशेषज्ञता और तकनीकी मदद प्रदान कर रही है.
