दुबई और यूएई में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल अब काफी सावधानी से करना होगा। यहाँ ऑनलाइन की गई एक छोटी सी टिप्पणी या कमेंट आपको बड़ी मुसीबत में डाल सकता है। यूएई के कड़े साइबर कानून के तहत अपमानजनक कमेंट करने पर भारी जुर्माना और जेल तक की सजा हो सकती है।

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यूएई साइबर कानून और भारी जुर्माने के नियम क्या हैं?

यूएई में ऑनलाइन व्यवहार को नियंत्रित करने के लिए ‘फेडरल डिक्री-लॉ नंबर 34 ऑफ 2021’ लागू है, जिसे 2024 में अपडेट किया गया है। यह कानून सोशल मीडिया पर किए गए कमेंट्स और रिप्लाई को भी उतनी ही गंभीरता से लेता है जितना कि असल दुनिया में किए गए व्यवहार को।

  • भारी जुर्माना: अगर कोई व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति का ऑनलाइन अपमान करता है या उसकी गरिमा को ठेस पहुँचाता है, तो आर्टिकल 43 के तहत 2,50,000 दिरहम से 5,00,000 दिरहम तक का जुर्माना लग सकता है।
  • जेल और निर्वासन: जुर्माने के साथ-साथ जेल की सजा भी हो सकती है। प्रवासियों के मामले में सजा पूरी होने के बाद उन्हें देश से निकाला जा सकता है और दोबारा आने पर रोक लगाई जा सकती है।
  • अन्य दंड: सामान्य मानहानि के मामलों में एक साल की जेल या 20,000 दिरहम तक का जुर्माना हो सकता है, जो गंभीर मामलों में बढ़कर 50,000 दिरहम तक जा सकता है।

सोशल मीडिया पर किन बातों का रखना होगा ध्यान?

यूएई सरकार ने स्पष्ट किया है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किसी भी तरह की अभद्र भाषा या गलत जानकारी फैलाना अपराध है। इसमें केवल पोस्ट ही नहीं बल्कि दूसरों की पोस्ट पर किए गए कमेंट्स भी शामिल हैं।

  • प्रतिबंधित सामग्री: किसी का अपमान करना, निजी जानकारी साझा करना, बिना अनुमति फोटो या वीडियो रिकॉर्ड करना और सरकार या राष्ट्रीय प्रतीकों की आलोचना करना कानूनी अपराध है।
  • ताजा मामला: हाल ही में एक महिला को केवल इसलिए हिरासत में लिया गया क्योंकि उसने इंस्टाग्राम पर एक अन्य महिला के हैंडबैग को “नकली” (fake) बताया था, जिससे साइबर बुलिंग का मामला बना।
  • सावधानी: कानून विशेषज्ञों का कहना है कि व्यंग्यात्मक या अप्रिय कमेंट करने वालों को भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है।

पुलिस और अधिकारियों ने क्या चेतावनी दी है?

दुबई और शारजाह पुलिस ने बार-बार चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर हर शब्द रिकॉर्ड होता है। शारजाह पुलिस के क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट के डायरेक्टर कर्नल उमर अहमद अबू अल ज़वद ने कहा कि कमेंट सेक्शन का गलत इस्तेमाल करना एक बड़ी समस्या बन गया है।

अधिकारियों ने यह भी साफ किया है कि अगर आपने कोई आपत्तिजनक कमेंट कर दिया है और बाद में उसे डिलीट कर दिया, तो भी आप कानूनी कार्रवाई से नहीं बच सकते क्योंकि डिजिटल सबूत सुरक्षित रखे जाते हैं। भारतीय प्रवासियों को सलाह दी जाती है कि वे ऑनलाइन बातचीत के दौरान यूएई की संस्कृति और कानूनों का सम्मान करें।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या सोशल मीडिया कमेंट डिलीट करने से कानूनी कार्रवाई रुक जाती है?

नहीं, डिजिटल सबूतों के कारण कमेंट डिलीट करने के बाद भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है क्योंकि अधिकारी रिकॉर्ड रखे हुए होते हैं।

यूएई में अपमानजनक ऑनलाइन कमेंट के लिए अधिकतम जुर्माना कितना है?

साइबर अपराध कानून के तहत किसी का अपमान करने पर जुर्माना 2,50,000 दिरहम से 5,00,000 दिरहम तक हो सकता है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.