दुबई में रहने वाले प्रवासी किरायेदारों के लिए एक बेहद जरूरी खबर है। अगर आप अपने किराए के फ्लैट या अपार्टमेंट में कोई भी छोटा-बड़ा बदलाव करने की सोच रहे हैं, तो सावधान हो जाएं। दुबई के नियमों के अनुसार, मकान मालिक और संबंधित सरकारी विभागों की लिखित अनुमति के बिना फ्लैट में किसी भी तरह का संशोधन या मरम्मत कराना कानूनी रूप से गलत माना जाता है। इसमें कमरे को बांटने के लिए एक छोटा सा जिप्सम बोर्ड का अस्थाई पार्टिशन लगाना भी शामिल है।

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क्या कहता है दुबई का किराया कानून और एजारी कॉन्ट्रैक्ट?

दुबई के किराया कानून यानी लॉ नंबर 26 ऑफ 2007 के आर्टिकल 19 (संशोधित लॉ नंबर 33 ऑफ 2008) के तहत कोई भी किरायेदार बिना मकान मालिक की लिखित अनुमति और सक्षम सरकारी अधिकारियों से लाइसेंस प्राप्त किए बिना संपत्ति में कोई बदलाव या मरम्मत का काम नहीं करा सकता है। इसके अलावा, दुबई के एकीकृत एजारी (Ejari) किरायेदारी अनुबंध में भी यह स्पष्ट रूप से दर्ज है कि किसी भी तरह के संशोधन के लिए मकान मालिक की लिखित मंजूरी अनिवार्य है।

इन सरकारी विभागों की मंजूरी है जरूरी और नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई

कानूनी विशेषज्ञ आशीष मेहता के अनुसार, किसी भी तरह के बदलाव के लिए न केवल मकान मालिक की सहमति बल्कि दुबई सिविल डिफेंस (Dubai Civil Defence) की अनुमति भी आवश्यक है, विशेषकर उन बदलावों के लिए जो सुरक्षा को प्रभावित कर सकते हैं। नियमों का उल्लंघन करने पर किरायेदार का रेंट कॉन्ट्रैक्ट रद्द हो सकता है। कानून के आर्टिकल 25 (1)(e) के तहत, यदि किसी बदलाव से संपत्ति की सुरक्षा को खतरा पहुंचता है या नुकसान होता है, तो किरायेदार को घर खाली करना पड़ सकता है और भारी जुर्माना भी देना पड़ सकता है। विवाद की स्थिति में किरायेदार और मकान मालिक रेंटल डिस्प्यूट सेटलमेंट सेंटर (RDC) का दरवाजा खटखटा सकते हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या दुबई में किराए के फ्लैट में अस्थाई दीवार या पार्टिशन बना सकते हैं?

नहीं, किरायेदार बिना मकान मालिक की लिखित अनुमति और दुबई सिविल डिफेंस जैसी संबंधित अथॉरिटी की मंजूरी के बिना कमरे में कोई भी अस्थाई दीवार या पार्टिशन नहीं बना सकते हैं।

बिना इजाजत घर में बदलाव करने पर क्या सजा हो सकती है?

बिना अनुमति बदलाव करने पर इसे किरायेदारी अनुबंध का उल्लंघन माना जाता है, जिससे किरायेदार को जुर्माना भरना पड़ सकता है या कानून के तहत फ्लैट खाली करना पड़ सकता है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.