दुबई में घर किराए पर रहने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर है। मकान मालिक अब घर बेचने या खुद रहने के नाम पर अचानक घर खाली करने का दबाव नहीं बना सकते हैं। दुबई के कानून के मुताबिक, मकान मालिक को घर खाली कराने के लिए 12 महीने का लिखित नोटिस देना अनिवार्य है। यह नियम उन लोगों पर भी लागू होता है जो घर को खुद के रहने के लिए या अपने परिवार के लिए खाली करवाना चाहते हैं।

नियमों का पालन करना है जरूरी

यह 12 महीने का नोटिस तभी कानूनी माना जाएगा जब इसे Notary Public या रजिस्टर्ड मेल के जरिए भेजा जाए। व्हाट्सएप या ईमेल जैसे अनौपचारिक तरीकों से दिया गया नोटिस मान्य नहीं होगा। इन नियमों को लागू करने की जिम्मेदारी दुबई लैंड डिपार्टमेंट के तहत आने वाली RERA की है। अगर किसी विवाद की स्थिति बनती है, तो Rental Dispute Settlement Centre (RDC) ही मामले की सुनवाई करता है।

मकान खाली कराने की शर्तें

अगर कोई मकान मालिक घर खाली कराने के बाद उसे गलत तरीके से किसी और को किराए पर देता है, तो उस पर कार्रवाई हो सकती है। कानून के अनुसार, अगर घर पर्सनल इस्तेमाल के लिए खाली कराया गया है, तो उसे रिहायशी मकान होने पर 2 साल और कमर्शियल प्रॉपर्टी होने पर 3 साल तक दोबारा किराए पर नहीं दिया जा सकता।

घर खरीदारों के लिए नई राहत

कानूनी जानकारों के अनुसार, अब ये नोटिस घर के साथ जुड़ा हुआ माना जाता है। यानी अगर किसी ने घर खरीदा है, तो वह पिछले मालिक द्वारा दिए गए नोटिस को ही आगे बढ़ा सकता है। मार्च 2026 के एक अदालती फैसले ने इस नियम को और स्पष्ट कर दिया है। 2024 Mortgage Finder Report बताती है कि करीब 29 प्रतिशत लोग घर खाली करने का नोटिस मिलने के बाद खुद का घर खरीदने का फैसला ले रहे हैं, ताकि वे बढ़ते किराए की चिंता से दूर रह सकें।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.