दुबई, सोने के व्यापार के लिए एक प्रमुख केंद्र है। लेकिन, कुछ लोग इसका लाभ उठा कर अवैध तरीकों से बड़ी मात्रा में हाथ से सोना देश में लाते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए सरकार सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। आइए देखें इस बारे में क्या योजना है:

क्या है समस्या?

  • दुबई में लोग भारत जैसे देशों से अवैध रूप से बड़ी मात्रा में सोना लाते हैं।
  • इसमें टैक्स देने से बचने के लिए अक्सर सोने को गहने, बिस्किट या दूसरी चीजों का रूप दे दिया जाता है।
  • सरकार को करोड़ों रुपये के टैक्स का नुकसान होता है।
  • इससे अवैध पैसों के लेनदेन (मनी लॉन्ड्रिंग) को भी बढ़ावा मिलता है।

 

सरकार के कदम

इस समस्या से निपटने के लिए दुबई सरकार कई कदम उठा रही है:

  • नियमों में सख्ती: सरकार नियमों को और कड़ा करने की तैयारी में है ताकि बड़ी मात्रा में सोना लाने के लिए विशेष परमिट लेना ज़रूरी हो जाए।
  • निगरानी बढ़ाना: कस्टम अधिकारियों द्वारा ज़्यादा जांच की जाएगी और संदिग्ध मामलों पर विशेष नज़र रखी जाएगी। सीसीटीवी कैमरों का भी उपयोग बढ़ाया जाएगा।
  • खुफ़िया जानकारी से होगी मदद: इंटेलिजेंस एजेंसियों द्वारा मुहैया कराई गई जानकारी की मदद से संदिग्ध लोगों को पकड़ा जाएगा।
  • अंतर्राष्ट्रीय सहयोग: भारत जैसे देशों के साथ समन्वय करके इन गतिविधियों को रोकने की कोशिश की जाएगी।

 

ड्यूटी-फ्री सोने की सीमा

अभी, दुबई में बिना कोई शुल्क दिए 20 ग्राम (पुरुष के लिए) और 40 ग्राम (महिला के लिए) सोना लाया जा सकता है लेकिन अक्सर इस सीमा का गलत फायदा उठाया जाता रहा है। नए नियमों के बाद इस सीमा से ज़्यादा सोना लाने के लिए कस्टम ड्यूटी देनी होगी।

दुबई में सोने की लोकप्रियता का कारण

  • दुबई में सोने पर कम टैक्स लगता है और सोने का काम करने वाले कुशल कारीगर उपलब्ध हैं।
  • यहां अत्याधुनिक तकनीक से ज्वेलरी बनाने की सुविधा भी मौजूद है।

 

असर

इन नए कदमों के बाद, अवैध रूप से सोना लाने वालों के लिए मुश्किलें बढ़ जाएंगी। इससे सरकार की कमाई बढ़ेगी और काले धन पर रोक लगेगी।

Disclaimer: यह जानकारी वर्तमान में उपलब्ध रिपोर्ट्स पर आधारित है। सरकार द्वारा आधिकारिक घोषणा के बाद नियमों और कार्यान्वयन के बारे में सही जानकारी मिल पाएगी।