Dubai: शेख जायद रोड की मशहूर टोयोटा बिल्डिंग होगी ध्वस्त, साल 2027 में गिराई जाएगी इमारत.

दुबई की पहचान बन चुकी ऐतिहासिक टोयोटा बिल्डिंग को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। इस मशहूर इमारत को साल 2027 में गिरा दिया जाएगा और प्रॉपर्टी मैनेजमेंट कंपनी ने इस बात की पूरी पुष्टि कर दी है। शेख जायद रोड पर बनी इस इमारत का असली नाम नासर रशीद लूतिया बिल्डिंग है जो पिछले कई दशकों से शहर के आसमान की शोभा बढ़ा रही है। इस खबर के सामने आने के बाद से वहां रहने वाले लोगों और आम जनता के बीच चर्चा तेज हो गई है।
दिसंबर 2026 तक खाली करनी होगी इमारत
प्रॉपर्टी मैनेजमेंट फर्म नासर रशीद लूतिया रियल एस्टेट ने यह साफ कर दिया है कि जिन किराएदारों के पास वैध रेंटल कॉन्ट्रैक्ट यानी किराया समझौता है, वे लोग दिसंबर 2026 तक इस जगह पर रह सकते हैं। हालांकि, समयसीमा नजदीक आने के कारण कुछ लोगों ने पहले ही अपना सामान समेटना शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया पर भी कई ऐसे वीडियो सामने आए हैं जिनमें लोग घर खाली करते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिससे इस ऐतिहासिक इमारत को लेकर लोगों की उत्सुकता और बढ़ गई है।
बिजली कटने और फ्लैट्स के बंटवारे की समस्या
हाल ही में यह रिपोर्ट सामने आई है कि कुछ निवासियों ने तय समय से पहले ही इमारत छोड़ना शुरू कर दिया है। इसकी मुख्य वजह बिजली की सप्लाई का काटा जाना है। अधिकारियों के मुताबिक, फ्लैट्स के अंदर छोटे-छोटे हिस्से बनाकर लोगों को बसाए जाने के कारण बिजली की समस्या पैदा हुई। इन partitioned apartments यानी partitioned फ्लैट्स को लेकर प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से बातचीत चल रही है ताकि नियमों के तहत जरूरी कदम उठाए जा सकें और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा सके.
साल 1974 में बनी थी यह ऐतिहासिक इमारत
यह 15 मंजिला रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स साल 1974 में बनकर तैयार हुआ था और पिछले कई सालों से दुबई की वास्तुकला का एक अहम हिस्सा रहा है। इस इमारत को लोग टोयोटा बिल्डिंग के नाम से इसलिए जानते हैं क्योंकि इसका नाता लंबे समय से अल-फुतैम ग्रुप के साथ रहा है। इसी ग्रुप ने यूएई में टोयोटा गाड़ियों की शुरुआत की थी। साल 2018 में कुछ समय के लिए ब्रांडिंग हटाने के बाद इसे फिर से इमारत पर लगाया गया था, जो आज भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है।
इतिहास और वास्तुकला को लेकर जानकारों की राय
यूएई यूनिवर्सिटी में वास्तुकला के एसोसिएट प्रोफेसर और जाने-माने शहरी मामलों के जानकार यासर एलशेष्टॉवी ने इस इमारत के ऐतिहासिक महत्व पर रोशनी डाली है। उन्होंने साल 2012 और 2018 में इस ढांचे पर गहन अध्ययन किया था। उनका कहना है कि भले ही इस इमारत में कोई बहुत ज्यादा आधुनिक डिजाइन या सजावट न हो, लेकिन इसे गिराए जाने से शहर के इतिहास और संस्कृति को एक बड़ा नुकसान पहुंचेगा। इस ऐतिहासिक जगह के जाने से दुबई के पुराने दौर की एक और निशानी हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।