दुबई सरकार ने मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच अपनी अर्थव्यवस्था और लोगों को सहारा देने के लिए एक बड़े राहत पैकेज का ऐलान किया है। क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम की अध्यक्षता में हुई बैठक में 1 अरब दिरहम (लगभग 27.2 करोड़ डॉलर) के आर्थिक पैकेज को मंजूरी दी गई है। यह नया नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा और अगले तीन से छह महीनों तक प्रभावी रहेगा। इस फैसले से व्यापारियों के साथ-साथ वहां रह रहे प्रवासियों को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

व्यापारियों और नौकरी करने वालों को क्या फायदे मिलेंगे?

इस पैकेज के तहत दुबई सरकार ने कई महत्वपूर्ण आर्थिक बदलाव किए हैं जिनका सीधा असर बिज़नेस और नौकरीपेशा लोगों पर पड़ेगा। सरकार का मानना है कि इससे बाजार में नकदी बनी रहेगी और कंपनियों पर बोझ कम होगा।

  • सरकारी फीस के भुगतान में तीन महीने की देरी करने की छूट दी गई है ताकि कंपनियों को वित्तीय दबाव से बचाया जा सके।
  • होटल और पर्यटन क्षेत्र को राहत देते हुए सेल्स फीस और Tourism Dirham के भुगतान को तीन महीने के लिए टालने की अनुमति दी गई है।
  • सामान मंगाने और भेजने वालों के लिए कस्टम डाटा जमा करने की समय सीमा को 30 दिन से बढ़ाकर 90 दिन कर दिया गया है।
  • Residency Permits (रेजीडेंसी परमिट) जारी करने और उन्हें रिन्यू करने की प्रक्रिया को अब और आसान बनाया जाएगा।
  • Virtual Warehouses Initiative के तहत दुबई में अस्थायी रूप से आने वाले सामान और कलाकृतियों पर कस्टम ड्यूटी और गारंटी को खत्म कर दिया गया है।

कामगारों के रहने और परिवारों के लिए नई रणनीति

सरकार ने सिर्फ व्यापार ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों और वहां काम करने वाले मजदूरों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए भी कदम उठाए हैं। इसके लिए अलग-अलग रणनीतियों पर काम शुरू किया गया है।

योजना का नाम मुख्य लक्ष्य
Dubai Empowerment Strategy स्थानीय परिवारों के जीवन स्तर को सुधारना और वित्तीय स्थिरता प्रदान करना।
Health and Safety Strategy साल 2033 तक वर्कर आवासों में 100% बुनियादी सुविधाएं और सुरक्षा मानक पूरे करना।
Workforce Support अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के नियमों के अनुसार काम करने के हालात बेहतर बनाना।

शेख हमदान ने कहा कि इस पैकेज का मकसद दुबई की आर्थिक स्थिति को और लचीला बनाना है ताकि किसी भी वैश्विक परिस्थिति में यहां के परिवारों और बिज़नेस को सुरक्षा मिल सके। दुबई की जीडीपी में 2025 के दौरान 5.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है, जो इसकी मजबूत आर्थिक स्थिति की पुष्टि करती है। हालिया तनाव के बावजूद निवेशकों का भरोसा दुबई पर बना हुआ है और नए नियम इसी भरोसे को और मजबूत करेंगे।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.