सोशल मीडिया पर आजकल बहुत वीडियो चल रहे हैं कि दुबई में कोड़ियों के भाव गाड़ियां मिल रही हैं और इसे भारत लाकर बेचा जा सकता है। लेकिन हकीकत यह है कि भारत का कस्टम टैक्स इतना ज्यादा है कि वहां की सस्ती गाड़ी यहाँ आके शोरूम प्राइस से भी महंगी हो जाती है। हाल ही में सरकार ने पुराने वाहनों की चेकिंग भी बढ़ा दी है।

क्या दुबई से कार लाकर बिज़नेस करना संभव है?

सीधा जवाब है – नहीं। दुबई में चलने वाली 99% गाड़ियां लेफ्ट हैंड ड्राइव (Left Hand Drive) होती हैं, जबकि भारत में सिर्फ राइट हैंड ड्राइव (RHD) गाड़ियां रजिस्टर होती हैं। अगर आप कोई जुगाड़ लगाकर गाड़ी ले भी आए, तो उसे भारत में चलाना गैर-कानूनी होगा और पुलिस उसे जब्त कर लेगी।

इम्पोर्ट करने के कड़े नियम (Rules)

DGFT के नियमों के अनुसार अगर आप कार लाना चाहते हैं, तो इन शर्तों का पालन करना होगा:

  • गाड़ी 3 साल से ज्यादा पुरानी नहीं होनी चाहिए।
  • स्पीडोमीटर किलोमीटर (km/h) में होना चाहिए।
  • गाड़ी को भारत में ARAI सेंटर से पास कराना होगा, जिसमें लाखों का खर्च आता है।
  • एंट्री सिर्फ मुंबई, चेन्नई या कोलकाता पोर्ट से हो सकती है।

टैक्स का गणित: 10 लाख की कार 30 लाख में

सरकार ‘Make in India’ को बढ़ावा देने के लिए पुरानी कारों पर भारी टैक्स लगाती है। नीचे दिए गए टेबल से समझिए कि यह कितना महंगा पड़ता है:

दुबई में कार की कीमत ₹10,00,000
कस्टम ड्यूटी (125% लगभग) ₹13,75,000
अन्य सेस और टैक्स ₹6,37,500
भारत में कुल कीमत ₹31,12,500

इसके बाद भारत में रजिस्ट्रेशन (RTO) का खर्चा अलग से लगेगा जो कि गाड़ी की कीमत का 10-20% हो सकता है।

क्या कोई छूट (Exemption) मिलती है?

सिर्फ वो लोग थोड़ी छूट पा सकते हैं जो NRI हैं और हमेशा के लिए भारत शिफ्ट हो रहे हैं (Transfer of Residence)। इसकी शर्त यह है कि कार उनके नाम पर विदेश में कम से कम 1 साल से होनी चाहिए और भारत लाने के बाद वे उसे 2 साल तक किसी और को बेच नहीं सकते।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.