दुबई में काम करने और बसने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। टैक्स फ्री सैलरी और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण लोग यहां खिंचे चले आ रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक हर साल 2 लाख से ज्यादा नए लोग यहां बस रहे हैं, जिससे किराए में 24 फीसदी तक की बढ़ोतरी देखी गई है। सरकार ने वीज़ा को लेकर भी कुछ नए नियम और सुविधाएं जारी की हैं।
Blue Visa और Golden Visa के फायदे
जनवरी 2026 में लॉन्च हुआ Blue Visa उन लोगों के लिए है जो पर्यावरण बचाने के क्षेत्र में काम करते हैं। इसमें 10 साल का वीज़ा मिलता है और सैलरी की कोई सीमा नहीं है। यह इको-स्टार्टअप और वैज्ञानिकों को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
वहीं, Golden Visa के लिए 30 हजार दिरहम की मासिक सैलरी या 20 लाख दिरहम की प्रॉपर्टी होनी चाहिए। यह वीज़ा भी 10 साल के लिए मिलता है और इसे रिन्यू कराया जा सकता है। डेटा बताता है कि 2019 से अब तक डेढ़ लाख से ज्यादा लोगों को यह वीज़ा मिल चुका है।
रिमोट वर्क वीज़ा और भारतीयों के लिए नियम
दुबई से रिमोट वर्क करने वालों के लिए नियम थोड़े सख्त हुए हैं। अब आवेदकों को वीज़ा के लिए 3 महीने के बजाय 6 महीने का बैंक स्टेटमेंट देना होगा। इसके अलावा हेल्थ इंश्योरेंस और इनकम प्रूफ भी जरूरी कर दिया गया है। यह वीज़ा एक साल के लिए मिलता है।
भारतीयों के लिए एक अच्छी खबर भी है। जिन भारतीय नागरिकों के पास जापान, कनाडा, कोरिया या सिंगापुर जैसे देशों का रेजिडेंसी वीज़ा है, उन्हें दुबई में वीज़ा ऑन अराइवल की सुविधा दी गई है। गल्फ आने वाले प्रोफेशनल्स को सैलरी में भी अच्छी बढ़ोतरी मिल रही है।
