अमरीका में जॉनसन एंड जॉनसन बेबी पाउडर के बंद होने के बाद अब डायनेरेक्स कॉर्पोरेशन (Dynarex Corporation) के डायनाकेयर बेबी पाउडर (Dynacare Baby Powder) के उत्पादन पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं।

दरअसल अमरीका के फूड एण्ड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) द्वारा लिए गए इस बेबी पाउडर के नमूनों में एस्बेस्टस नामक खनिज पाया गया है, जिससे कैंसर होने का खतरा होता है। FDA की चेतावनी के बाद कंपनी ने डायनाकेयर बेबी पाउडर के 62 पेटियों को वापस मंगवा लिया है। इनकी सप्लाई अमरीका के अलबामा, अर्कांसस, कोलोराडो, इलिनोइस, केंटकी, उत्तरी कैरोलिना, न्यू जर्सी, पेंसिल्वेनिया, टेनेसी, फ्लोरिडा, वाशिंगटन और विस्कॉन्सिन में की जा चुकी थी।

कंपनी का दावा किसी को नहीं हुई बीमारी

कंपनी के हवाले से एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि उसने वितरित किए गए बेबी पाउडर के स्टॉक को वापस मंगवा लिया है क्योंकि इस मामले की अभी जांच चल रही है। कंपनी ने दावा करते हुए कहा है कि अभी तक वापस मंगवाए गए बेबी पाउडर से किसी बीमारी के लक्षण सामने नहीं हैं।

उधर FDA का कहना है कि टैल्क खनन के दौरान यदि स्थलों का चयन सावधानी से नहीं किया जाता है तो यह एस्बेस्टस से दूषित हो सकता है। FDA ने अपील की है कि यदि ग्राहकों ने वापस मंगाया गया बेबी पाउडर खरीदा है, तो कंपनी की घोषणा के अनुसार इसका तुरंत उपयोग बंद कर देना चाहिए और इसे नष्ट कर देना चाहिए। इसके अलावा पूर्ण कीमत वसूली के लिए भी इसे वापस किया जा सकता है।

क्या है एस्बेस्टस, जिसे लेकर हुआ विवाद

संघीय अधिकारियों के मुताबिक टैल्क को प्राप्त करने के लिए जमीन में जहां खुदाई की जाती है, वहीं पर एस्बेस्टस भी पाया जाता है। टैल्क जमीन के अंदर पाया जाता है और यह पूर्ण रूप से प्राकृतिक होता है। इसमें मैग्नीशियम, सिलिकॉन, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन होता है। उसके रासायनिक रूप को देखने पर उसमें मैग्नीशियम सिलिकेट नजर आता है। आपको बता दें कि इसका इस्तेमाल नमी सोखने में भी किया जाता है। यह कॉस्मेटिक और पर्सनल केयर बनाने में भी इस्तेमाल होता है। अध्ययनों से पता चलता है कि एस्बेस्टस में सांस लेने से एस्बेस्टोसिस और फुफ्फुस रोग जैसी गैर-कैंसर बीमारियां हो सकती हैं। एस्बेस्टस के संपर्क में आने से फेफड़ों के कैंसर और मेसोथेलियोमा जैसे कुछ कैंसर विकसित होने का जोखिम भी बढ़ सकता है।

जॉनसन एंड जॉनसन को चुकाने पड़े थे 700 मिलियन डॉलर

यहां उल्लेखनीय यह है कि दुनिया की बड़ी हेल्‍थ केयर प्रॉडक्‍ट बनाने वाली कंपनियों में शुमार जॉनसन एंड जॉनसन को अपने बेबी पाउडर में टेल्कम-आधारित उत्पादों में कैंसर पैदा करने वाले तत्वों की उपस्थिति के मामले को रफादफा करने के लिए 700 मिलियन डॉलर के समझाेते को स्वीकार करना पड़ा था। एक रिपोर्ट में कहा गया था कि यह समझौता उन आरोपों को भी साबित करता है कि जॉनसन एंड जॉनसन ने अपने टेल्कम प्रोडक्ट्स की सुरक्षा के संबंध में उपभोक्ताओं को गुमराह किया। हालांकि कंपनी ने फिलहाल इस प्रोडक्ट की बिक्री को बंद कर दिया है। लेकिन बिक्री रोकने से पहले ये उत्पाद एक सदी से भी अधिक समय से बेचे जा रहे थे।

कंपनी पर हजारों बीमारी ग्रसितों ने किए हैं मुकद्दमें

हालांकि कंपनी ने राज्यों के साथ इस समझौते के तहत किसी भी गलत काम को स्वीकार नहीं किया है। इस समझौता प्रक्रिया में फ्लोरिडा, उत्तरी कैरोलिना और टेक्सास जैसे प्रांत के नेता शामिल थे। कंपनी का कहना है कि उसके टैल्क उत्पाद सुरक्षित हैं और इनसे कैंसर नहीं होता है। उन्होंने जनवरी में सैद्धांतिक रूप से समझौते की घोषणा की थी। पिछले साल ही जॉनसन एंड जॉनसन ने इस पाउडर की प्राथमिक सामग्री के रूप में कॉर्न स्टार्च को चुनते हुए दुनिया भर में अपने टैल्क-आधारित बेबी पाउडर की बिक्री बंद कर दी थी। कंपनी का कहना है कि उसके उत्पाद एस्बेस्टस-मुक्त हैं।

गौरतलब है कि जॉनसन एंड जॉनसन अपने टैल्क उत्पादों से संबंधित बड़ी संख्या में मुकदमों से निपट रहा है। 31 मार्च तक लगभग 61,490 व्यक्तियों ने कंपनी पर मुकदमा दायर किया है। इनमें से अधिकांश मामलों में डिम्बग्रंथि के कैंसर से पीड़ित महिलाएं शामिल हैं, जबकि कुछ वादी मेसोथेलियोमा से पीड़ित हैं, जो कि एस्बेस्टस के संपर्क में आने वाला कैंसर है। बहरहाल एफ.डी.ए. के निशाने पर अब डायनेरेक्स कॉर्पोरेशन के डायनाकेयर बेबी पाउडर है और मामले की छानबीन जारी है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com