भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने 30 जुलाई 2026 को यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा के साथ फोन पर बात की। इस दौरान उन्होंने ब्लैक सी में कमर्शियल जहाजों पर हो रहे हमलों और वहां फंसे भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर अपनी चिंता जताई। विदेश मंत्री ने साफ कहा कि किसी भी पक्ष द्वारा जहाजों और नाविकों पर किए जा रहे हमले पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं।
नाविकों की सुरक्षा पर बड़ा संकट
ब्लैक सी क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति काफी खराब हो गई है। हाल ही में 18 जुलाई 2026 को MV OMORFI जहाज पर हुए हमले में एक भारतीय की मौत हो गई थी। अब तक कुल पांच भारतीय नाविकों की मौत हो चुकी है और दो अभी भी लापता हैं। इसके अलावा 13 भारतीय नाविक अभी भी यूक्रेन के Chornomorsk पोर्ट पर MV AMIR1 जहाज में फंसे हुए हैं, जहां उन्हें लगातार ड्रोन और मिसाइल हमलों का खतरा बना हुआ है।
सरकार ने जारी की एडवाइजरी
विदेश मंत्रालय ने 26 जुलाई 2026 को एक एडवाइजरी जारी कर भारतीय नागरिकों को चेतावनी दी थी कि वे ब्लैक सी क्षेत्र में नौकरी स्वीकार करने से पहले वहां की अस्थिर सुरक्षा स्थिति को ध्यान में रखें। भारत दुनिया में नाविकों की आपूर्ति करने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश है, इसलिए सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए लगातार प्रयास कर रही है। भारत ने इस पूरे विवाद को बातचीत और कूटनीति के जरिए सुलझाने की अपील फिर से दोहराई है।
