भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर 9 जुलाई 2026 को ओमान पहुंचे। यह उनके कई देशों के दौरे का चौथा पड़ाव है। ओमान पहुंचने पर विदेश मंत्रालय के महानिदेशक शेख अहमद अल मस्करी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
विदेश मंत्रालय (MEA) के मुताबिक, इस दौरे का मुख्य मकसद भारत और ओमान के बीच आपसी रिश्तों को और मजबूत करना है। दोनों देशों के बीच क्षेत्रीय विकास और साझा हितों के मुद्दों पर बातचीत की जाएगी।
इस मुलाकात के दौरान दिसंबर 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओमान यात्रा के समय लिए गए फैसलों की समीक्षा होगी। इसके अलावा, भारत-ओमान व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) को जमीन पर उतारने की योजना पर भी चर्चा होगी, जो 1 जून 2026 से लागू हो चुका है।
मंत्री जयशंकर ओमान के विदेश मंत्री एच.ई. सय्यद बद्र अल बुसैदी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। ओमान आने से पहले वह कुवैत गए थे, जहां उन्होंने वहां के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री से मुलाकात की। कुवैत दौरे के दौरान ऊर्जा, व्यापार, निवेश, रक्षा, तकनीक, खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य जैसे जरूरी विषयों पर चर्चा हुई थी।
विदेश मंत्री का यह दौरा 5 जुलाई को शुरू हुआ था। ओमान में 10 जुलाई तक रहने के बाद, वह न्यूयॉर्क और ब्रुसेल्स जाएंगे, जहां उनका यह दौरा 15 जुलाई तक चलेगा।
