पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। विदेश मंत्री S Jaishankar ने शनिवार को ईरान से भारतीय मछुआरों को सुरक्षित निकालने में मदद करने के लिए आर्मेनिया के विदेश मंत्री Ararat Mirzoyan और वहां की सरकार को धन्यवाद दिया। यह पूरा ऑपरेशन पड़ोसी देशों के रास्तों का इस्तेमाल करके अंजाम दिया गया है ताकि किसी भी भारतीय को कोई नुकसान न हो और वे सुरक्षित अपने घर पहुँच सकें।

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ईरान से अब तक कितने भारतीयों को निकाला गया?

विदेश मंत्रालय (MEA) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, 2 अप्रैल 2026 तक ईरान से 1,200 से ज़्यादा भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। भारत सरकार ने इस रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए दो मुख्य रास्तों का चुनाव किया था। सरकार ने आर्मेनिया और अज़रबैजान की मदद से अपने लोगों को वतन वापस पहुंचाया है। निकासी के आंकड़ों को नीचे दी गई तालिका में विस्तार से समझा जा सकता है:

विवरण संख्या
कुल सुरक्षित निकाले गए भारतीय 1,200 से अधिक
आर्मेनिया के रास्ते आए लोग 996
अज़रबैजान के रास्ते आए लोग 204
निकाले गए छात्रों की संख्या 845

रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर क्या है सरकार की तैयारी?

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने जानकारी दी है कि मंत्रालय आर्मेनिया और अज़रबैजान में मौजूद भारतीय मिशनों और वहां के स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है। ट्रांजिट के दौरान भारतीयों को कोई दिक्कत न हो, इसके लिए वहां रुकने और अन्य ज़रूरी इंतज़ाम किए गए हैं। 28 फरवरी 2026 से अब तक पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र से कुल 6,24,000 से ज़्यादा लोग यात्रा कर भारत वापस आ चुके हैं। सरकार ने साफ किया है कि वे जमीनी हालातों पर लगातार नज़र रखे हुए हैं और हर नागरिक की सुरक्षित वापसी के लिए पूरी ताकत लगा दी गई है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com