यूरोपियन यूनियन एविएशन सेफ्टी एजेंसी (EASA) ने एयरलाइंस के लिए एक नया और जरूरी अलर्ट जारी किया है। एजेंसी ने निर्देश दिया है कि ईरान, इराक और लेबनान के हवाई क्षेत्र (Airspace) में उड़ानें न भरें। यह कदम हवाई यात्रा को सुरक्षित रखने और किसी भी बड़े जोखिम से बचने के लिए उठाया गया है।

अलर्ट की समय सीमा बढ़ाई गई

EASA की यह एडवाइजरी पहले 1 जुलाई 2026 को खत्म होने वाली थी, लेकिन अब इसे बढ़ा दिया गया है। अब यह निर्देश कम से कम 8 जुलाई 2026 तक लागू रहेगा। इस फैसले की घोषणा बुधवार, 1 जुलाई 2026 को की गई।

क्यों लिया गया यह फैसला

एजेंसी ने बताया कि इस क्षेत्र में युद्धविराम (ceasefire) को लेकर स्थिति अभी साफ नहीं है। वहां हालात कभी भी बिगड़ सकते हैं और सैन्य तनाव तेजी से बढ़ सकता है। सुरक्षा के लिहाज से यह खतरा बहुत ज्यादा है, इसलिए विमानों को इन रास्तों से दूर रखने को कहा गया है।

किन देशों पर असर होगा

  • ईरान, इराक और लेबनान के हवाई क्षेत्र में किसी भी ऊंचाई पर उड़ान भरने की मनाही है।
  • सऊदी अरब, UAE, कतर, ओमान, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन और इसराइल जैसे पड़ोसी देशों में उड़ान भरते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है।
  • खासकर उन इलाकों में ज्यादा सतर्क रहने की सलाह दी गई है जहां अमेरिका के सैन्य बेस मौजूद हैं।

लगातार रखी जा रही है नजर

EASA, यूरोपीय आयोग और सदस्य देश मिलकर स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं। वे यह देख रहे हैं कि हवाई यात्रा के लिए जोखिम कम हुआ है या बढ़ा है। एयरलाइंस को यह भी कहा गया है कि वे राष्ट्रीय अधिकारियों के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करें और हवाई रास्तों के अपडेट्स पर नजर रखें।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.