Gaza में शांति के लिए मिस्र का बड़ा कदम, इंटरनेशनल स्टेबलाइजेशन फोर्स की मांग, पुनर्निर्माण पर भी जोर.
मिस्र के विदेश मंत्री Badr Abdelatty ने गाजा में शांति बहाली के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वहां एक इंटरनेशनल स्टेबलाइजेशन फोर्स (ISF) की तैनाती बहुत जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने बिना किसी रुकावट के मानवीय सहायता पहुँचाने और पुनर्निर्माण कार्य शुरू करने पर जोर दिया ताकि आम लोगों का जीवन वापस पटरी पर आ सके।
गाजा में इंटरनेशनल स्टेबलाइजेशन फोर्स की मांग क्यों की गई?
विदेश मंत्री Abdelatty ने कई बार इस बात को दोहराया है कि गाजा में शांति बनाए रखने और युद्ध विराम का पालन कराने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय बल की जरूरत है। यह मांग राष्ट्रपति Donald Trump के शांति प्लान के दूसरे चरण का हिस्सा है। मिस्र चाहता है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) एक प्रस्ताव पारित करे ताकि इस बल को कानूनी मान्यता मिल सके। इस फोर्स का नेतृत्व मिस्र कर सकता है और इसमें तुर्की, इंडोनेशिया और अज़रबैजान जैसे देशों के शामिल होने की संभावना है।
मानवीय मदद और पुनर्निर्माण के लिए क्या योजना है?
मिस्र सरकार गाजा के पुनर्निर्माण और शुरुआती रिकवरी के लिए World Bank के साथ मिलकर रणनीतियां बना रही है। मानवीय सहायता के लिए ‘Zad Al-Ezza’ के 179वें और 180वें काफिले हाल ही में राफा बॉर्डर के जरिए गाजा में दाखिल हुए। इन काफिलों में दवाइयां, भोजन, टेंट और ईंधन भेजा गया। इसके अलावा, एक ‘Board of Peace’ बनाने की चर्चा है जिसकी अध्यक्षता Donald Trump करेंगे और यह संस्था पुनर्निर्माण के फंड और कामों की निगरानी करेगी।
गाजा के प्रशासन के लिए क्या तैयारी है?
मिस्र ने गाजा के दैनिक कामकाज को संभालने के लिए एक नेशनल कमेटी (NCAG) बनाने का सुझाव दिया है। यह एक टेक्नोक्रेटिक कमेटी होगी जो गाजा के भीतर से ही काम शुरू करेगी। इसका मुख्य उद्देश्य वहां की व्यवस्था को सुधारना और भविष्य में फिलिस्तीनी अथॉरिटी (PA) की वापसी के लिए रास्ता तैयार करना है। विदेश मंत्री ने चेतावनी दी है कि क्षेत्रीय तनाव के बीच दुनिया का ध्यान गाजा की मानवीय स्थिति से नहीं हटना चाहिए।