दमिश्क में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राजनयिक मिशन और मिशन प्रमुख के आवास पर हुए हमले और तोड़फोड़ की कोशिश की मिस्र ने कड़ी निंदा की है। मिस्र के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इस घटना पर गहरा दुख जताया और इसे पूरी तरह गलत बताया। इस खबर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है क्योंकि किसी भी देश के दूतावास पर हमला एक गंभीर मुद्दा माना जाता है।

वियना कन्वेंशन और सुरक्षा नियमों का हवाला

  • मिस्र के विदेश मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि राजनयिक मिशनों की सुरक्षा अंतरराष्ट्रीय कानून की जिम्मेदारी है।
  • बयान में वियना कन्वेंशन का जिक्र किया गया, जो राजनयिकों और उनके कार्यालयों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
  • मिस्र ने कहा कि किसी भी दूतावास या उसके स्टाफ को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय नियमों का खुला उल्लंघन है।
  • यह मांग की गई है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी सुरक्षा उपाय किए जाएं।

UAE के साथ एकजुटता और प्रवासियों पर असर

मिस्र ने इस संकट के समय में संयुक्त अरब अमीरात के साथ अपनी पूरी एकजुटता दोहराई है। खाड़ी क्षेत्र में होने वाली ऐसी राजनीतिक हलचल वहां रहने वाले प्रवासियों और व्यापारिक गतिविधियों पर भी असर डालती है। खाड़ी देशों और अरब जगत के बीच सुरक्षा और आपसी तालमेल बहुत जरूरी है ताकि वहां रहने वाले लाखों भारतीयों और अन्य देशों के लोगों के लिए माहौल सुरक्षित बना रहे। मिस्र ने स्पष्ट किया है कि वह हर उस कदम का समर्थन करेगा जो राजनयिकों की सुरक्षा को मजबूत करता है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com