ईरान ने हाल ही में कुवैत और बहरीन पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं। इस घटना के बाद मिस्र सरकार ने ईरान की कड़ी निंदा की है। मिस्र का कहना है कि इस तरह के हमले इन देशों की आजादी और सुरक्षा के खिलाफ हैं और इससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ेगा।

मिस्र के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने रविवार, 28 जून 2026 को ये हमले किए। बताया जा रहा है कि ईरान ने यह कदम अमेरिका द्वारा अपनी जमीन पर किए गए हवाई हमलों के जवाब में उठाया। मिस्र ने साफ किया है कि वह कुवैत और बहरीन के साथ पूरी तरह खड़ा है और इन देशों की सीमाओं की सुरक्षा के लिए उठाए गए हर कदम का समर्थन करता है।

मिस्र के अधिकारियों का कहना है कि इस हमले से उन कोशिशों को बड़ा झटका लगा है जो इस इलाके में शांति लाने के लिए की जा रही थीं। मिस्र ने जोर देकर कहा कि अरब देशों की सुरक्षा मिस्र और पूरे अरब जगत की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी हुई है। मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करने की सलाह दी है और कहा है कि किसी भी विवाद को बातचीत और शांतिपूर्ण तरीकों से सुलझाना चाहिए।

यह पहली बार नहीं है जब मिस्र ने ईरान की ऐसी हरकतों पर नाराजगी जताई है। इससे पहले 10 जून और 27 जून 2026 को भी मिस्र ने जॉर्डन और बहरीन पर हुए ईरानी हमलों के खिलाफ बयान जारी किए थे।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.