मिस्र (Egypt) ने ईरान की हरकतों पर कड़ा रुख अपनाया है। उसने साफ कहा है कि खाड़ी देशों, जॉर्डन और इराक पर ईरान के हमले किसी भी सूरत में सही नहीं ठहराए जा सकते। मिस्र का मानना है कि इन देशों की सुरक्षा उसके अपने राष्ट्रीय सुरक्षा का हिस्सा है और वह इस मामले में पूरी तरह उनके साथ है।

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Egypt ने ईरान के हमलों पर क्या कहा?

मिस्र के विदेश मंत्रालय और संसद सदस्यों ने कहा कि खाड़ी देशों, जॉर्डन और इराक पर हुए हमलों को किसी भी नाम से सही नहीं कहा जा सकता। अल-अजहर के ग्रैंड इमाम अहमद एल-तयब ने भी इन हमलों की निंदा की और इन्हें तुरंत रोकने की मांग की। मिस्र ने साफ किया कि वह इन देशों की संप्रभुता और सुरक्षा का पूरा समर्थन करता है क्योंकि यह पूरे क्षेत्र की स्थिरता के लिए जरूरी है।

हालिया हमले और युद्धविराम की स्थिति क्या है?

अमेरिका और ईरान के बीच 8 अप्रैल 2026 को युद्धविराम (ceasefire) हुआ, जिसका मिस्र ने स्वागत किया। लेकिन इसी बीच कई हमले भी हुए, जिनका ब्योरा नीचे टेबल में दिया गया है:

देश क्या हुआ नतीजा
सऊदी अरब 11 मिसाइल और 4 ड्रोन आए सभी को हवा में मार गिराया
बहरीन 9 ड्रोन का हमला हुआ सभी ड्रोन इंटरसेप्ट किए गए
UAE (शारजाह) मिसाइल हमला हुआ दो लोग घायल हुए

मिस्र के अधिकारियों ने यह चिंता भी जताई कि इसराइल इस शांति समझौते को बिगाड़ने की कोशिश कर सकता है। उन्होंने अमेरिका से अपील की है कि वह इस मामले में दखल दे ताकि क्षेत्र में दोबारा तनाव न बढ़े।