मिस्र की कैबिनेट ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि 29 जुलाई 2026 को Damietta पोर्ट पर हुई आग की घटना एक ड्रोन हमले के कारण हुई थी। यह हमला अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच मिस्र की जमीन पर सीधे सैन्य कार्रवाई का पहला बड़ा मामला है। इस घटना में दो जहाजों को नुकसान पहुंचा है, जिनके नाम Energos Winter और GasLog Salem बताए गए हैं।
हमले की सच्चाई और जांच
शुरुआत में इसे इंजन रूम में खराबी माना जा रहा था, लेकिन जांच के बाद इसे ड्रोन हमला करार दिया गया है। मिस्र की सरकार ने कहा है कि वह अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठा रही है। इस हमले को लेकर ईरान ने सीधे तौर पर कोई जिम्मेदारी नहीं ली है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि इस हमले का जवाब बहुत सख्ती से दिया जाएगा।
पोर्ट का काम जारी
हमले के बाद भी Damietta Port Authority ने स्पष्ट किया है कि बंदरगाह पर कामकाज पूरी तरह से सामान्य है। जहाजों का आना-जाना और कार्गो हैंडलिंग पहले की तरह ही चल रही है। फिलहाल अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। इस घटना ने स्वेज नहर के रास्ते पर सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार पर पड़ सकता है।
