मिस्र के विदेश मंत्री Badr Abdelatty ने ईरान की हालिया सैन्य गतिविधियों पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। सऊदी न्यूज़ 50 की एक रिपोर्ट के अनुसार, मिस्र ने ईरान के इन कदमों को अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन और क्षेत्रीय शांति के लिए बड़ा खतरा बताया है। हाल ही में ओमान और सऊदी अरब में हुए ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद खाड़ी देशों में तनाव काफी बढ़ गया है, जिसका सीधा असर यहां रहने वाले और काम करने वाले लाखों प्रवासियों पर भी पड़ सकता है।

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कहां हुए हालिया हमले और क्या है नुकसान?

ताजा जानकारी के अनुसार, ईरान की तरफ से कई अरब देशों के नागरिक और महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया गया है। ओमान के Port of Salalah में फ्यूल स्टोरेज टैंक और सऊदी अरब के Al-Kharj में एक आवासीय परिसर पर हमले की रिपोर्ट सामने आई है। इसके अलावा सऊदी एयर डिफेंस ने Prince Sultan Air Base और Shaybah तेल क्षेत्र की तरफ आ रहे कई ड्रोन और मिसाइलों को रास्ते में ही नष्ट कर दिया। इन हमलों के कारण Strait of Hormuz से गुजरने वाले समुद्री व्यापार पर भी रोक लग गई है, जिससे व्यापारिक मार्ग पूरी तरह से ठप हो गया है।

अरब देशों और UN ने क्या कदम उठाए हैं?

इस बढ़ते तनाव को देखते हुए मिस्र ने 24 घंटे के भीतर सऊदी अरब, कतर, UAE, बहरीन, ओमान और जर्मनी के विदेश मंत्रियों के साथ बातचीत की है। इस बीच, UN Security Council ने 11 मार्च 2026 को एक प्रस्ताव पास किया है, जिसमें 13 वोटों के साथ ईरान के कार्यों की निंदा की गई। मिस्र ने UN Resolution 2817 का समर्थन भी किया है, जो ईरान के हमलों को तुरंत रोकने की मांग करता है। इसके साथ ही, अरब लीग के महासचिव Ahmed Aboul Gheit ने इन हमलों को एक बड़ी रणनीतिक गलती बताया है और मिस्र ने सदस्य देशों की सुरक्षा के लिए Joint Arab Force बनाने का प्रस्ताव भी रखा है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.