मिस्र की राजधानी Cairo की गलियों और दुकानों में अब रात के समय अंधेरा दिखाई देने लगा है। सरकार ने बिजली की खपत कम करने के लिए पूरे शहर में कड़े नियम लागू कर दिए हैं। अमेरिका, Israel और Iran के बीच चल रहे युद्ध के कारण मिस्र को ईंधन की कमी का सामना करना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री Mostafa Madbouly ने बताया कि देश का ऊर्जा आयात बिल बहुत बढ़ गया है जिस कारण ये फैसले लेना जरूरी हो गए थे। इन बदलावों का सीधा असर आम जनता और वहां के व्यापारियों पर पड़ रहा है।

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बिजली और ईंधन की नई कीमतें और नियम

सरकार ने बिजली और तेल की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी की घोषणा की है जो अप्रैल 2026 से लागू हो गई है। आर्थिक संकट को देखते हुए सब्सिडी में भी बदलाव किया गया है।

  • व्यावसायिक इस्तेमाल वाली बिजली की कीमतों में करीब 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
  • ज्यादा बिजली खर्च करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं के लिए रेट 16 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं।
  • मार्च के महीने में पेट्रोल और गैस के दामों में 14 से 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
  • डीजल की कीमत अब 17.50 से बढ़कर 20.50 Egyptian Pound प्रति लीटर हो गई है।

दुकानों के बंद होने का समय और अन्य पाबंदियां

शहर की रौनक और नाइटलाइफ़ पर इन नए नियमों का बड़ा प्रभाव पड़ा है। सरकार ने दुकानों के लिए समय तय कर दिया है और सरकारी खर्चों में भी कटौती की जा रही है ताकि विदेशी मुद्रा बचाई जा सके।

नियम का नाम विवरण
दुकानों का समय कामकाजी दिनों में रात 9 बजे और वीकेंड पर 10 बजे बंद होंगी।
स्ट्रीट लाइट सड़कों और विज्ञापनों की लाइटिंग में एक तिहाई की कटौती की गई है।
रिमोट वर्क सरकारी कर्मचारियों के लिए अप्रैल में हफ्ते में एक दिन घर से काम का नियम।
ईंधन कोटा सरकारी गाड़ियों के लिए तेल के बजट में 30 प्रतिशत की कमी की गई है।

राष्ट्रपति Abdel Fattah el-Sisi ने बताया कि युद्ध की वजह से Suez Canal से होने वाली कमाई में भी करीब 10 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। विदेशी मुद्रा की कमी के कारण बाहर से गैस और तेल मंगाना मुश्किल और महंगा होता जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह स्थिति वैश्विक संकट की वजह से पैदा हुई है और मई में इन नियमों की फिर से समीक्षा की जाएगी।