अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत को लेकर मिस्र के विदेश मंत्री Badr Abdelatty ने बड़ी बात कही है। उन्होंने साफ किया कि जब वॉशिंगटन और तेहरान आपस में चर्चा करें, तो उन्हें खाड़ी देशों (Gulf states) की सुरक्षा चिंताओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह मामला अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
मिस्र के विदेश मंत्री ने किन देशों से की बात?
मिस्र के विदेश मंत्री Badr Abdelatty ने इस मामले पर कई महत्वपूर्ण फोन कॉल किए। 26 अप्रैल 2026 को उन्होंने ईरान और कतर के विदेश मंत्रियों से बात की। इसके बाद 27 अप्रैल को उन्होंने अमेरिका के स्पेशल एनवॉय Steve Witkoff से भी चर्चा की। इन बातचीत का मुख्य मकसद क्षेत्र में शांति बनाए रखना और बातचीत के रास्ते को खुला रखना था।
बातचीत में किन मुख्य बातों पर जोर दिया गया?
विदेश मंत्री ने अपनी चर्चाओं के दौरान कुछ जरूरी बातें रखीं, जो इस प्रकार हैं:
- संप्रभुता का सम्मान: सभी देशों की आजादी और उनके अधिकारों का पूरा सम्मान होना चाहिए।
- गल्फ देशों की सुरक्षा: अमेरिका और ईरान की डील में खाड़ी देशों की सुरक्षा चिंताओं को प्राथमिकता दी जाए।
- समुद्री रास्ता: अंतरराष्ट्रीय जहाजों के आने-जाने की आजादी और सुरक्षा बनी रहे।
- तालमेल: संबंधित देशों के बीच आपसी सलाह और समन्वय को और बढ़ाया जाए।
आखिर क्यों बढ़ी है यह चिंता?
यह पूरा मामला तब सामने आया है जब पिछले कुछ हफ्तों से तनाव काफी बढ़ा हुआ था। फरवरी के अंत में अमेरिका और इसराइल ने ईरान के ठिकानों पर हमले किए थे, जिसके बाद ईरान ने भी पलटवार किया था। हालांकि 8 अप्रैल को युद्धविराम हुआ था, लेकिन उसके बाद पाकिस्तान में हुई बातचीत बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई थी। इसी वजह से अब फिर से नए सिरे से बातचीत की कोशिश की जा रही है।