मिस्र (Egypt) की सरकार ने देश में बढ़ते ऊर्जा संकट और ईंधन की कीमतों को देखते हुए कई कड़े फैसले लिए हैं। प्रधानमंत्री मोस्टफा मदबौली (Mostafa Madbouly) ने ऐलान किया है कि अगले दो महीनों तक उन सभी बड़े सरकारी प्रोजेक्ट्स की रफ्तार धीमी कर दी जाएगी जिनमें डीजल और ईंधन की खपत ज्यादा होती है। यह कदम वैश्विक स्तर पर ऊर्जा की बढ़ती कीमतों के असर को कम करने और देश के संसाधनों को बचाने के लिए उठाया गया है।
नए नियमों के तहत आम जनता और व्यापारियों पर क्या असर होगा?
सरकार ने ऊर्जा बचाने के लिए व्यापारिक प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक सेवाओं के लिए नए समय की घोषणा की है जो 28 मार्च 2026 से लागू हो गए हैं। इन नियमों का सीधा असर आम जनजीवन पर पड़ेगा।
- मिस्र में अब सभी दुकानें, मॉल, रेस्टोरेंट और कैफे सामान्य दिनों में रात 9 बजे ही बंद हो जाएंगे।
- गुरुवार और शुक्रवार को इन संस्थानों को रात 10 बजे तक खोलने की अनुमति दी गई है।
- सड़कों पर स्ट्रीट लाइट का उपयोग कम से कम किया जाएगा और सड़क किनारे लगे सभी विज्ञापन बोर्ड की लाइटें बंद रहेंगी।
- ईद-उल-फितर की छुट्टियों के बाद सभी सरकारी कार्यालय शाम 6 बजे बंद कर दिए जाएंगे और बाकी काम रिमोट तरीके से किया जाएगा।
बिजली और ईंधन की बचत के लिए सरकार ने और क्या कदम उठाए हैं?
प्रधानमंत्री मदबौली ने स्पष्ट किया है कि वैश्विक संघर्षों के कारण तेल की कीमतें 150 से 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं, इसलिए तैयारी जरूरी है। बिजली और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने प्राकृतिक गैस की खपत को हर दिन लगभग 10 करोड़ क्यूबिक फीट कम करने की योजना को मंजूरी दी है। इसके अलावा, उन राष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स को फिलहाल के लिए टाल दिया गया है जिनमें डीजल का भारी इस्तेमाल होता है ताकि बाजार में तरलता बनी रहे।
| योजना का नाम | मुख्य बदलाव | प्रभावी अवधि |
|---|---|---|
| सरकारी प्रोजेक्ट्स | धीमी रफ्तार और डीजल बचत | 2 महीने |
| दुकानें और मॉल | 9 बजे रात को बंद होंगे | अगले आदेश तक |
| सरकारी कार्यालय | शाम 6 बजे छुट्टी | ईद के बाद से |
| नवीकरणीय ऊर्जा | निर्भरता बढ़ाई जाएगी | 2026 तक |
सरकार अब नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को तेजी से बढ़ाने पर ध्यान दे रही है ताकि बाहरी गैस आपूर्ति में होने वाली रुकावटों के असर को कम किया जा सके। इसके साथ ही कुछ सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों को हफ्ते में एक या दो दिन घर से काम करने की अनुमति देने पर भी विचार किया जा रहा है।
