मिस्र की सरकार ने देश की आर्थिक चुनौतियों और क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए सरकारी खर्चों में भारी कटौती करने का फैसला लिया है। प्रधानमंत्री Mostafa Madbouly ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं जो 31 मार्च 2026 से प्रभावी हो गए हैं। यह नियम वित्त वर्ष 2025/2026 के अंत तक लागू रहेंगे। सरकार का मुख्य उद्देश्य विदेशी मुद्रा की बचत करना और सरकारी खजाने पर बढ़ते बोझ को कम करना है ताकि जरूरी चीजों की सप्लाई बनी रहे।

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सरकारी खर्च और विदेशी मुद्रा को लेकर क्या हैं नए नियम?

अब किसी भी सरकारी विभाग को विदेशी मुद्रा यानी Foreign Currency में लेनदेन करने से पहले Ministry of Finance और Central Bank से मंजूरी लेनी होगी। वेतन और भत्तों को छोड़कर बजट में किसी भी तरह की बढ़ोतरी पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। सभी सरकारी विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने खुद के संसाधन विकसित करें ताकि बजट पर निर्भरता कम हो सके। गैर-जरूरी खर्चों को फिलहाल के लिए टाल दिया गया है और केवल जरूरी काम ही किए जाएंगे।

आम जनता और कामकाज पर क्या असर पड़ेगा?

सरकार ने ऊर्जा की बचत के लिए कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं जो आम लोगों और कर्मचारियों से जुड़े हैं। इनका विवरण नीचे दी गई तालिका में देख सकते हैं:

सुविधा/क्षेत्र नया बदलाव और नियम
ऑफिस का काम रविवार को वर्क फ्रॉम होम यानी घर से काम करने की व्यवस्था
बाजार और मॉल दुकानें रात 9 बजे और वीकेंड पर रात 10 बजे बंद होंगी
सरकारी गाड़ियां ईंधन के लिए मिलने वाले बजट में 30% की कटौती की गई
विदेश यात्रा बेहद जरूरी होने पर ही प्रधानमंत्री की अनुमति से यात्रा होगी
बड़े प्रोजेक्ट्स ज्यादा डीजल खपत वाले प्रोजेक्ट्स पर 2 महीने की रोक रहेगी

अन्य पाबंदियां और किन विभागों को मिली है छूट?

सरकार ने साफ किया है कि अब बिना प्रधानमंत्री की अनुमति के किसी भी तरह के सेमिनार, कॉन्फ्रेंस या बड़े कार्यक्रमों का आयोजन नहीं किया जा सकेगा। ट्रेनिंग के लिए मिलने वाले बोनस और अन्य भत्तों पर भी रोक लगा दी गई है। हालांकि, देश की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को देखते हुए Ministry of Interior यानी गृह मंत्रालय और उससे जुड़े विभागों को इन नियमों से छूट दी गई है। ऊर्जा की कीमतों में भारी उछाल आने की वजह से सरकार को यह कड़े कदम उठाने पड़े हैं ताकि देश में अनाज और जरूरी सामान की कमी न हो।