लेबनान और इसराइल के बीच जारी तनाव अब बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। 8 और 9 अप्रैल 2026 को इसराइली सेना ने लेबनान के कई नागरिक इलाकों और राजधानी बेरूत में जबरदस्त हवाई हमले किए। इन हमलों में सैकड़ों लोगों की जान जाने के बाद मिस्र ने स्थिति को संभालने के लिए अपने क्षेत्रीय साझेदारों के साथ बातचीत काफी तेज कर दी है। कुवैत न्यूज़ एजेंसी (KUNA) के अनुसार, मिस्र इस कोशिश में लगा है कि इस संघर्ष को और फैलने से रोका जा सके।

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लेबनान में हुए हमलों की ताज़ा स्थिति क्या है?

बुधवार 8 अप्रैल को इसराइली सेना ने लेबनान पर बड़े हवाई हमले किए थे। लेबनान के नागरिक सुरक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इन हमलों में कम से कम 254 लोग मारे गए और 1165 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। यह हमला हाल के समय में सबसे बड़ा हमला बताया जा रहा है। इसके जवाब में लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने देश में राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया है। वहीं दूसरी तरफ, हिजबुल्लाह ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए उत्तरी इसराइल पर रॉकेट दागे हैं और इसे अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए किया गया कदम बताया है।

मिस्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय पक्षों का इस पर क्या रुख है?

मिस्र के विदेश मंत्रालय ने इस सैन्य कार्रवाई की कड़ी निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन बताया है। मिस्र का कहना है कि इस तरह के हमले अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए युद्धविराम की कोशिशों को पूरी तरह से बर्बाद कर सकते हैं। मिस्र के विदेश मंत्री बदर अब्देलाती ने क्षेत्रीय देशों से अपील की है कि वे इस खतरनाक तनाव को रोकने के लिए तुरंत हस्तक्षेप करें। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी इन हमलों की निंदा करते हुए चेतावनी दी है कि इससे पूरे क्षेत्र में युद्ध का बड़ा खतरा पैदा हो सकता है।

घटना से जुड़ी मुख्य जानकारियां और आंकड़े

मुख्य जानकारी विवरण
हमले की तारीख 8 और 9 अप्रैल 2026
हताहतों की संख्या 254 मृत, 1165 घायल (लेबनान)
मिस्र की भूमिका क्षेत्रीय देशों के साथ राजनयिक बातचीत का नेतृत्व
इसराइल का रुख लेबनान को युद्धविराम समझौते से बाहर बताया
अन्य प्रतिक्रियाएं कुवैत, फ्रांस और जॉर्डन ने हमलों की निंदा की

इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक टीवी संबोधन में साफ़ किया है कि लेबनान अमेरिका और ईरान के बीच हुए किसी भी युद्धविराम समझौते का हिस्सा नहीं है। उनका कहना है कि इसराइल हिजबुल्लाह के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखेगा। इस बयान के बाद इलाके में डर का माहौल है और प्रवासियों के लिए भी चिंता बढ़ गई है क्योंकि संघर्ष बढ़ने से हवाई सेवाओं और अन्य सुविधाओं पर असर पड़ सकता है।