अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को कम करने के लिए अब मिस्र और पाकिस्तान ने हाथ मिलाया है। 25 अप्रैल 2026 को मिस्र के विदेश मंत्री Badr Abdelatty और पाकिस्तान के डिप्टी पीएम Ishaq Dar के बीच फोन पर बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि आपसी बातचीत ही इस विवाद को सुलझाने का एकमात्र रास्ता है।
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मिस्र और पाकिस्तान की बातचीत में क्या तय हुआ?
मिस्र के विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी कि दोनों मंत्रियों ने अमेरिका और ईरान के बीच डिप्लोमैटिक बातचीत को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। उन्होंने सहमति जताई कि आने वाले समय में भी वे इस मुद्दे पर एक-दूसरे के साथ तालमेल बनाकर रखेंगे। दोनों देशों का मानना है कि क्षेत्र में शांति के लिए संवाद बहुत जरूरी है।
ईरान और अमेरिका का इस पर क्या कहना है?
ईरान ने साफ कर दिया है कि वह इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ सीधी बात नहीं करेगा। ईरान के मुताबिक अमेरिका की मांगें बहुत ज्यादा और अव्यावहारिक हैं, जिसकी वजह से वह बातचीत से पीछे हटा। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर को पाकिस्तान भेजने का ऐलान किया है ताकि वे ईरान का पक्ष सुन सकें।
इस्लामाबाद में अभी क्या स्थिति है?
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं और वहां के नेतृत्व के साथ बैठकें कर रहे हैं। अमेरिकी दूतों के भी जल्द पहुंचने की उम्मीद है। इस वजह से इस्लामाबाद में सुरक्षा बहुत कड़ी कर दी गई है और शहर में भारी सुरक्षा लॉकडाउन लगाया गया है।