जेद्दा में मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सिसी और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के बीच एक अहम बैठक हुई। इस मुलाकात के दौरान मिस्र ने सऊदी अरब और खाड़ी क्षेत्र के अन्य देशों पर होने वाले ईरानी हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की। राष्ट्रपति सिसी ने साफ किया कि मिस्र अपने अरब भाईचारे वाले देशों की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और वह किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करेगा।

ईरान के हमलों पर मिस्र का क्या स्टैंड है?

राष्ट्रपति सिसी ने बैठक में कहा कि सऊदी अरब के रिहायशी इलाकों और नागरिक ठिकानों पर बार-बार होने वाले ईरानी हमले क्षेत्र की शांति के लिए बड़ा खतरा हैं। उन्होंने बताया कि ईरान द्वारा बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल कर बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना चिंताजनक है। मिस्र ने इन हमलों के खिलाफ सऊदी अरब के साथ अपनी एकजुटता दोहराई और क्षेत्र में स्थिरता लाने के लिए संघर्ष को तुरंत रोकने की अपील की।

क्षेत्रीय सुरक्षा और ताजा घटनाक्रम क्या हैं?

यह बैठक 21 मार्च 2026 को हुई जो सऊदी और मिस्र के बीच मजबूत होते रिश्तों की ओर इशारा करती है। हाल के घटनाक्रमों पर नजर डालें तो पिछले कुछ दिनों में कई बड़े देशों ने ईरान की गतिविधियों पर नाराजगी जताई है।

तारीख मुख्य घटना
19 मार्च 2026 12 अरब और इस्लामी देशों के विदेश मंत्रियों ने हमलों की निंदा की
20 मार्च 2026 ब्रिटेन और अन्य देशों ने समुद्री जहाजों पर हमलों का विरोध किया
21 मार्च 2026 राष्ट्रपति सिसी और क्राउन प्रिंस की जेद्दा में आधिकारिक मुलाकात

यूरोपीय संघ के प्रतिनिधियों ने भी खाड़ी देशों की सुरक्षा का समर्थन करने का वादा किया है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में चल रहे तनाव को कम करना और मित्र देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को और ज्यादा मजबूत करना है।