मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से खाड़ी क्षेत्र में चल रहे ‘ईरान के खिलाफ युद्ध’ को तुरंत रोकने की गुहार लगाई है। 30 मार्च 2026 को काहिरा में एक ऊर्जा कार्यक्रम के दौरान सिसी ने कहा कि इस क्षेत्र में शांति लाने की ताकत केवल ट्रंप के पास है। राष्ट्रपति सिसी ने साफ चेतावनी दी है कि अगर यह तनाव कम नहीं हुआ, तो कच्चे तेल की कीमतें 200 डॉलर के पार जा सकती हैं, जिससे पूरी दुनिया में ऊर्जा का अब तक का सबसे बड़ा संकट पैदा हो जाएगा।
युद्ध को लेकर राष्ट्रपति सिसी ने क्या चिंता जताई है?
राष्ट्रपति सिसी ने डोनाल्ड ट्रंप को एक ऐसा व्यक्ति बताया जो शांति की कद्र करते हैं। उन्होंने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में वाशिंगटन का बहुत बड़ा प्रभाव है और ट्रंप इस युद्ध को रुकवाने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। सिसी का मानना है कि तेल की कीमतों का 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचना कोई काल्पनिक बात नहीं है बल्कि मौजूदा हालात को देखते हुए यह एक कड़वी सच्चाई बन सकती है। इसी डर की वजह से मिस्र ने अपने देश में बिजली बचाने के लिए दुकानों, रेस्टोरेंट और कैफे को रात में जल्दी बंद करने का आदेश पहले ही जारी कर दिया है।
खाड़ी क्षेत्र और ग्लोबल मार्केट पर क्या असर पड़ रहा है?
इस युद्ध की वजह से खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों प्रवासियों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर गहरा संकट मंडरा रहा है। तेल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर आम आदमी की जेब और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर होगा।
| संस्था/देश | ताजा अपडेट और घटनाक्रम |
|---|---|
| खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) | ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने को वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए खतरा बताया। |
| स्पेन (NATO सदस्य) | ईरान पर हमला करने वाले अमेरिकी विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद करने का ऐलान किया। |
| डोनाल्ड ट्रंप | समझौता न होने पर ईरान के ऊर्जा ठिकानों और खार्ग द्वीप को तबाह करने की धमकी दी। |
| ईरान सरकार | अमेरिका के साथ सीधी बातचीत से मना किया और कहा कि मध्यस्थों के जरिए भारी शर्तें रखी जा रही हैं। |
| इजरायल | मिसाइल हमले के बाद एक तेल रिफाइनरी में आग लगने की घटना सामने आई है। |
