मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सीसी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ईरान के खिलाफ जारी युद्ध को तुरंत रोकने की अपील की है। काहिरा में आयोजित ‘Egypt Energy Show 2026’ के दौरान सीसी ने कहा कि इस खाड़ी क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए वाशिंगटन का प्रभाव सबसे अहम है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यह जंग नहीं रुकी तो कच्चे तेल की कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकती हैं, जो एक वास्तविक खतरा है। इस युद्ध का सीधा असर खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों और वहां की अर्थव्यवस्था पर पड़ना शुरू हो गया है।

क्षेत्र में शांति और तेल की कीमतों पर क्या कहा गया?

राष्ट्रपति सीसी ने ट्रंप को संबोधित करते हुए कहा कि आपके अलावा खाड़ी क्षेत्र में इस युद्ध को कोई नहीं रोक सकता है। मिस्र लगातार इस कोशिश में है कि बातचीत के जरिए तनाव कम किया जाए क्योंकि युद्ध लंबा खिंचने से ईंधन की कीमतें आम आदमी की पहुंच से बाहर हो जाएंगी। ट्रंप ने भी इस पर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है, जहां उन्होंने एक तरफ बातचीत की बात कही है, वहीं दूसरी ओर ईरान के तेल कुओं पर हमले की धमकी भी दी है। खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने भी समुद्री रास्तों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।

युद्ध की वजह से पिछले 24 घंटों में क्या बदला?

इस जंग का असर अब पड़ोसी देशों पर भी दिखने लगा है और सुरक्षा हालात बिगड़ रहे हैं। पिछले 24 घंटों में हुई मुख्य घटनाएं इस प्रकार हैं:

  • जॉर्डन की सेना ने अपनी सीमा में घुस रहे पांच मिसाइलों और एक ड्रोन को मार गिराया है।
  • कुवैत में एक पानी साफ करने वाले प्लांट (Desalination Plant) को हमले में नुकसान पहुंचा है।
  • ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने अपने नेवी कमांडर अलीरेजा तंगसिरी की मौत की खबर दी है।
  • स्पेन ने ईरान युद्ध में शामिल अमेरिकी विमानों के लिए अपना हवाई रास्ता बंद कर दिया है।
  • ईरान की संसद अब परमाणु अप्रसार संधि (NPT) से बाहर निकलने पर विचार कर रही है।

समुद्री रास्तों की स्थिति और जहाजों की आवाजाही

ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जहाजों के गुजरने को लेकर नई पाबंदियां लगाई हैं। संयुक्त राष्ट्र ने भी मानवीय मदद के लिए एक खास टास्क फोर्स बनाई है। जहाजों की वर्तमान स्थिति नीचे दी गई टेबल में समझी जा सकती है:

जहाज की श्रेणी मौजूदा स्थिति
भारत, रूस और चीन के जहाज ईरान ने आवाजाही की अनुमति दी है
इजरायल और अमेरिका से जुड़े जहाज पूरी तरह से रास्ता बंद है
खाद्य पदार्थ और कच्चे माल वाले जहाज UN टास्क फोर्स की निगरानी में अनुमति
तेल ले जाने वाले टैंकर अत्यधिक जोखिम और पाबंदियां जारी
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.